गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर डाइट पेंड्रा के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में साक्षरता अभियान की उपलब्धियों के साथ चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
जिले की साक्षरता दर का 56 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत तक पहुंचना निश्चित रूप से महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कार्यक्रम में साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नोडल अधिकारियों मुकेश कोरी, संजय गुप्ता, आलोक शुक्ला, राकेश चौधरी और संजय टांडिया सहित ग्राम प्रभारी शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षकों और नव साक्षरों को कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नव साक्षर मीनू बाई द्वारा साक्षरता ध्वज फहराकर की गई।

कलेक्टर का संदेश – घर से शुरू हो अभियान
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि 56% से 78% तक पहुंचना सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि साक्षरता अभियान की शुरुआत घर से होनी चाहिए। प्रत्येक साक्षर बच्चा अपने परिवार के निरक्षर सदस्य को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी ले।

रैली और हर घर साक्षरता दीप
साक्षरता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए रैली निकालने तथा ‘हर घर साक्षरता दीप’ जलाने की अपील की गई। साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि अधिकारों और सामाजिक बदलाव से जुड़ने का माध्यम है।
नुक्कड़ नाटक से जागरूकता
डाइट के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर अंधविश्वास जैसी कुरीतियों पर सवाल उठाए। जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी और जिला मुख्य आयुक्त स्काउट एवं गाइड नीरज जैन ने जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए जनभागीदारी की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी मुकेश कोरी, आलोक शुक्ला सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।




