फाइनेंस कंपनी पर अतिरिक्त राशि वसूलने के आरोप, आरसी-एनओसी के लिए भटक रहे ग्राहक

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किस्त जमा कराने के बाद भी दस्तावेज नहीं मिलने से परेशान पीड़ितों ने कंपनी कार्यालय में दर्ज कराई शिकायत

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में निजी फाइनेंस कंपनी के माध्यम से मोटरसाइकिल फाइनेंस कराने वाले कई ग्राहकों ने कंपनी से जुड़े कर्मचारियों पर निर्धारित किस्त राशि के अलावा अतिरिक्त रकम वसूलने और राशि जमा नहीं करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि अतिरिक्त रकम देने के बावजूद उन्हें अब तक वाहनों की आरसी और एनओसी सहित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इससे ग्राहक आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी झेलने को मजबूर हैं।

किस्त से 20 से 40 हजार रुपये तक अतिरिक्त लेने का आरोप

पीड़ितों के मुताबिक, उन्होंने अमरपुर रोड पेंड्रा स्थित कृष्णा मोटर्स से मोटरसाइकिल खरीदी थी, जिसका फाइनेंस श्रीराम फाइनेंस के माध्यम से कराया गया। आरोप है कि कंपनी से जुड़े कर्मचारियों ने निर्धारित किस्त राशि के अतिरिक्त अलग-अलग ग्राहकों से 20 से 40 हजार रुपये तक की रकम ली। कुछ ग्राहकों का आरोप है कि रकम लेने के बावजूद संबंधित किस्तें समय पर खाते में जमा नहीं की गईं।

आरसी और एनओसी के लिए काट रहे कार्यालय के चक्कर

दस्तावेज नहीं मिलने से परेशान ग्राहकों ने सेमरा स्थित श्रीराम फाइनेंस कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ितों ने शिकायत पुस्तिका में भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि वाहन की किस्तें जमा करने और अतिरिक्त राशि देने के बाद भी आरसी एवं एनओसी नहीं मिलने के कारण उन्हें लगातार कंपनी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

ग्राहकों ने लगाए अलग-अलग आरोप

पीड़ित बिसाहू महादेव का आरोप है कि उन्होंने नियमित रूप से किस्त जमा की, इसके बावजूद उनसे 20 हजार रुपये अतिरिक्त लिए गए। उनका कहना है कि अब तक उन्हें आरसी और एनओसी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

इसी तरह आनंद सिंह ने आरोप लगाया कि कंपनी में कार्यरत बताए जा रहे रूपेश यादव ने उनसे 20 हजार रुपये अतिरिक्त लिए, लेकिन इसके बावजूद वाहन के दस्तावेज नहीं मिले। अजय सिंह ने भी 20 हजार रुपये अतिरिक्त लेने का आरोप लगाते हुए दस्तावेजों के लिए परेशान होने की बात कही है।

रिफाइनेंस और खाता क्लोज करने के नाम पर 35 हजार लेने का आरोप

गिरारी निवासी शिव कुमार चौधरी ने आरोप लगाया कि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी बताए जा रहे रूपेश यादव ने बाइक का रिफाइनेंस कराने और खाता क्लोज करने के नाम पर उनसे 35 हजार रुपये लिए। उनका दावा है कि उन्होंने उक्त राशि संबंधित कर्मचारी के पुरानी बस्ती स्थित घर जाकर उसकी पत्नी को दी थी।

शिव कुमार के अनुसार, बाद में जब उन्हें राशि खाते में जमा नहीं होने की जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

कंपनी ने कर्मचारी को हटाया, लेकिन ग्राहकों की परेशानी बरकरार

मामला सामने आने के बाद कंपनी द्वारा संबंधित कर्मचारी को हटा दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पीड़ितों का कहना है कि कर्मचारी को हटाने के बावजूद उनकी अतिरिक्त जमा राशि और वाहन से जुड़े दस्तावेजों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। वे अपनी मेहनत की कमाई वापस कराने और आरसी-एनओसी उपलब्ध कराने के लिए कंपनी के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

निष्पक्ष जांच और राशि वापस कराने की मांग

पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित तौर पर ली गई अतिरिक्त राशि वापस कराने, लंबित किस्तों का स्पष्ट हिसाब देने तथा आरसी और एनओसी सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है।

पीड़ितों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। मामले में कंपनी और संबंधित कर्मचारी का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।

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