अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर रेलवे अस्पताल में आयोजित हुआ सम्मान समारोह, फ्लोरेंस नाइटिंगेल को किया याद

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चक्रधरपुर। चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर अस्पताल के ऑडिटोरियम हॉल में विशेष समारोह आयोजित कर आधुनिक नर्सिंग की संस्थापिका एवं “लेडी विद द लैंप” फ्लोरेंस नाइटिंगेल को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम में नर्सों की सेवा भावना और मानवता के प्रति उनके योगदान की सराहना की गई।

“निःस्वार्थ मानव सेवा ही नर्सों का सबसे बड़ा धर्म”

समारोह के मुख्य अतिथि चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुब्रत कुमार मिश्रा ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नर्सिंग सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का मिशन है। उन्होंने कहा कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने लगभग दो सौ वर्ष पहले क्रीमिया युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सेवा कर आधुनिक नर्सिंग व्यवस्था की नींव रखी थी, जिसे दुनिया कभी नहीं भूल सकती।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि नर्सों का कर्तव्य निःस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा करना है और यही भावना उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाती है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और मरीजों के बीच फल वितरण

कार्यक्रम की शुरुआत नर्सों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों के स्वागत से हुई। इस दौरान डॉ. जी सोरेन, डॉ. श्याम, डॉ. भावना सामंत, डॉ. प्रिंसी एम, डॉ. राकेश तांडी एवं एसीएमएस डॉ. सुष्मा अनिता सांगा ने भी अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए नर्सिंग सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला।

समारोह में नर्सों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। वहीं मरीजों के बीच फल वितरण कर सेवा और संवेदना का संदेश दिया गया।

सेवानिवृत्त नर्सों का किया गया सम्मान

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल की सेवानिवृत्त नर्स एवं एएनओ गायत्री सत्पथी, सिस्टर एलिसबा चेरुवा, शिखा बोस, सिमू बसु और ईरा घोष को सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मिश्रा ने उन्हें उपहार भेंट कर उनके लंबे सेवाकाल और योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया।

इस अवसर पर एनओ शिखा मजूमदार, जयंती सुंडी, सुशाना हेंब्रम, मंजू तिर्की, निर्मला कच्छप, निरुपमा महतो सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।

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