महाराष्ट्र में चौक-कर्जत रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी, 497 करोड़ रुपये होंगे खर्च

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अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

10.86 किमी लंबे रेलखंड पर बढ़ेगी यात्री और माल ढुलाई क्षमता, दोनों दिशाओं में पांच अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन की उम्मीद

बिलासपुर। भारतीय रेलवे ने महाराष्ट्र में रेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मध्य रेलवे के चौक-कर्जत रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी दी है। 10.86 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर करीब 497 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य रेल यातायात की क्षमता बढ़ाने के साथ यात्री और माल परिवहन को अधिक सुचारू बनाना है।

पनवेल-चौक-कर्जत मार्ग पर बढ़ेगी क्षमता

चौक-कर्जत रेलखंड पनवेल-चौक-कर्जत रेल मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान में इस हिस्से पर सिंगल रेल लाइन होने के कारण ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता सीमित है। दोहरीकरण के बाद इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा, जिससे ट्रेनों के संचालन में सुधार की उम्मीद है।

दोनों दिशाओं में पांच अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चलने की उम्मीद

रेलवे के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद इस रेलखंड पर प्रतिदिन दोनों दिशाओं में पांच अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन की संभावना है। इससे यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने के साथ मौजूदा रेल यातायात पर दबाव भी कम होने की उम्मीद है।

18.35 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता

दोहरीकरण परियोजना से माल परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है। रेलवे के अनुसार इसके पूरा होने के बाद प्रतिवर्ष करीब 18.35 मिलियन टन (MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई संभालने की क्षमता विकसित हो सकती है। इससे मालगाड़ियों के संचालन में होने वाली देरी को कम करने में भी मदद मिलेगी।

रेल नेटवर्क विस्तार पर रेलवे का जोर

चौक-कर्जत खंड का दोहरीकरण रेलवे की क्षमता विस्तार से जुड़ी परियोजनाओं का हिस्सा है। रेलवे द्वारा दोहरीकरण, तिहरीकरण, चौगुनीकरण, फ्लाईओवर और बाईपास जैसी परियोजनाओं के माध्यम से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।

यात्री और माल परिवहन दोनों को मिलेगा लाभ

परियोजना के पूरा होने के बाद चौक-कर्जत खंड में ट्रेनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इससे यात्री सेवाओं के विस्तार के साथ माल ढुलाई को भी बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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