नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब सीधे सैन्य टकराव में बदल गया है। बुधवार सुबह सामने आई ताजा रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी वायुसेना ने दक्षिणी ईरान के कई सामरिक ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इस घटनाक्रम के बाद पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
दोनों देशों की पुष्टि, ट्रंप ने हमले को बताया जवाबी कार्रवाई
इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि अमेरिका और ईरान दोनों पक्षों की ओर से की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिकी संपत्तियों पर हमलों के जवाब में यह कार्रवाई जरूरी थी। वहीं ईरान ने भी अपने ठिकानों पर हमले की पुष्टि करते हुए स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों और शांति वार्ताओं की संभावनाएं लगभग खत्म होती दिखाई दे रही हैं।
होर्मुज स्ट्रेट में हेलीकॉप्टर क्रैश से बढ़ा तनाव
इस नए विवाद की शुरुआत मंगलवार रात होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के क्रैश होने के बाद हुई। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि यह घटना तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि ईरानी सेना की कार्रवाई का परिणाम थी। हालांकि दोनों पायलटों को ड्रोन की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया।
इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे संप्रभुता पर हमला बताते हुए तत्काल जवाबी कार्रवाई के आदेश जारी किए।
केशम द्वीप और रडार सिस्टम पर बड़ा हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप पर लगातार छह हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस रडार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।
हमलों को ईरान की रणनीतिक सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा झटका माना जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में सैन्य सतर्कता बढ़ा दी गई है।
मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात
इस ताजा घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है कि यह टकराव कहीं बड़े युद्ध में न बदल जाए। कई देशों ने स्थिति पर नजर रखते हुए आपातकालीन बैठकें शुरू कर दी हैं।


