रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय
जिला संवाददाता, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
दिनांक: 18 अगस्त 2026
22 वार्ड और 19 ग्राम पंचायतें निगम में शामिल, फिर भी मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप
बिलासपुर। अरपा पार क्षेत्र के विकास और इसे पृथक नगर निगम बनाए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। नागरिक सुरक्षा मंच, बिलासपुर ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के सामने अपनी मांग मजबूती से रखने का ऐलान किया है। सोमवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंच के संयोजक अमित तिवारी ने कहा कि अरपा पार की जनता को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि विकास के मोर्चे पर धरातल पर परिणाम चाहिए।
तेजी से बढ़ रहा क्षेत्र, अलग प्रशासनिक व्यवस्था की मांग
मंच के अनुसार अरपा पार क्षेत्र पिछले कई वर्षों से तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्तमान में बिलासपुर नगर निगम के 22 वार्ड इस क्षेत्र में आते हैं। आबादी और क्षेत्रफल बढ़ने के साथ यहां अलग प्रशासनिक व्यवस्था, पर्याप्त बजट और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
2019 में 19 ग्राम पंचायतें निगम सीमा में शामिल
नागरिक सुरक्षा मंच ने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2019 में 19 ग्राम पंचायतों को नगर निगम सीमा में शामिल किया गया। इससे निगम का क्षेत्रफल और सीमा तो बढ़ी, लेकिन इन क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं का विस्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो सका।
मंच का आरोप है कि अरपा पार के कई इलाकों में आज भी सड़क, नाली, पेयजल और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र की आबादी और बस्तियों के विस्तार के अनुपात में विकास कार्य नहीं होने का भी मंच ने दावा किया।
30 साल में बेहतर सार्वजनिक पार्क नहीं बनने का दावा
प्रेसवार्ता में क्षेत्र में मनोरंजन और सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए। मंच के संयोजक अमित तिवारी ने दावा किया कि पिछले 30 से अधिक वर्षों में अरपा पार क्षेत्र में एक भी बेहतर सार्वजनिक पार्क या गार्डन विकसित नहीं हो पाया है।
मंच के अनुसार इसका असर बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है। लोगों को घूमने और समय बिताने के लिए शहर के दूसरे हिस्सों में स्थित सार्वजनिक स्थलों का रुख करना पड़ता है।
दिल्ली तक पहुंची मांग, केंद्रीय मंत्री से मुलाकात का दावा
अरपा पार को पृथक नगर निगम बनाने की मांग को लेकर मंच के संयोजक अमित तिवारी ने दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की जानकारी दी।
मंच के अनुसार केंद्रीय मंत्रालय की ओर से इस मामले में छत्तीसगढ़ शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भी भेजा गया है। हालांकि, मंच का कहना है कि इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
मंच ने सवाल उठाया कि जब केंद्र स्तर पर पत्राचार हो चुका है तो राज्य स्तर पर निर्णय लेने में देरी क्यों हो रही है?
राजनीतिक विरोध नहीं, क्षेत्र के अधिकार की लड़ाई
नागरिक सुरक्षा मंच ने स्पष्ट किया कि उसकी मांग किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं है। मंच के अनुसार यह अरपा पार की जनता के अधिकार, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
मंच का कहना है कि अलग नगर निगम बनने से क्षेत्र के लिए अलग प्रशासनिक ढांचा तैयार हो सकेगा। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बजट और योजनाएं बनाई जा सकेंगी तथा विकास कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से गति मिल सकेगी।
समयबद्ध निर्णय की मांग
नागरिक सुरक्षा मंच ने राज्य सरकार से अरपा पार को पृथक नगर निगम बनाए जाने के प्रस्ताव पर ठोस और समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की है। मंच का कहना है कि केवल बैठकों, आश्वासनों और पत्राचार से समस्या का समाधान नहीं होगा।
अमित तिवारी ने कहा कि यदि मांग पर जल्द ठोस पहल नहीं हुई तो नागरिक सुरक्षा मंच लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष आगे बढ़ाएगा।
फैसला कब होगा, जनता का सीधा सवाल
अरपा पार की जनता का सवाल अब यह है कि जब क्षेत्र नगर निगम सीमा में शामिल हो चुका है, आबादी लगातार बढ़ रही है और विकास की जरूरतें सामने आ रही हैं, तो पृथक नगर निगम की मांग पर फैसला आखिर कब होगा?
नागरिक सुरक्षा मंच ने स्पष्ट किया है कि जब तक पृथक नगर निगम बनाने को लेकर ठोस एवं समयबद्ध निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और संघर्ष जारी रखा जाएगा।


