हर घर जल योजनाओं के लंबित भुगतान को मंजूरी, जल स्रोतों की स्थिरता पर जोर

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रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय
जिला संवाददाता, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
दिनांक: 18 अगस्त 2026

जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में महत्वपूर्ण फैसले

बिलासपुर, 18 अगस्त 2026। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों एवं अंतिम भुगतान, जल स्रोतों की स्थिरता, पंचायतों के वित्तीय संसाधनों के अभिसरण तथा ग्रामीण स्वच्छता से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

15 हर घर जल योजनाओं के अंतिम भुगतान को मंजूरी

बैठक में चकरभाठा, मटियारी, लोफंदी, फरहदा, लघरा, मणिकपुर, बन्नाकडीह, घोघरा, कोरबी, बांका, रामपुर, गोपालपुर, कुली, बरेली एवं बैमा सहित 15 हर घर जल योजनाओं के लंबित अंतिम भुगतान के प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।

साथ ही जल जीवन मिशन 2.0 के तहत जल स्रोतों की दीर्घकालीन स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

7,428 स्थानों पर बनेंगे सोखपिट और जल संरक्षण ढांचे

जिले में स्थापित 9,285 हैंडपंपों में से 7,428 स्थानों पर पर्याप्त जगह उपलब्ध होने के कारण सोखपिट एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाएं विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसका उद्देश्य भूजल संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्भरण को बढ़ावा देना है।

इसके अलावा 1,494 जल जीवन मिशन जल स्रोतों के लिए वॉटर/इंजेक्शन वेल आधारित भूजल पुनर्भरण व्यवस्था विकसित करने की योजना पर भी विचार किया गया। प्रत्येक इकाई की अनुमानित लागत 4.45 लाख रुपये बताई गई।

सोलर आधारित जल योजनाओं के लिए गैप फंडिंग पर चर्चा

बैठक में सोलर आधारित जल योजनाओं के लिए आवश्यक गैप फंडिंग ग्राम पंचायतों के माध्यम से 16वें वित्त आयोग के जल एवं स्वच्छता संबंधी प्रावधानों से किए जाने पर चर्चा हुई। पंचायत स्तर पर उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अभिसरण के लिए आवश्यक समन्वय पर भी विचार-विमर्श किया गया।

पाइप और सामग्री की गुणवत्ता जांच होगी मजबूत

जल जीवन मिशन में उपयोग होने वाले पाइप एवं संबंधित सामग्री की गुणवत्ता जांच को मजबूत करने के लिए 1.53 लाख रुपये की लागत से मफल फर्नेस की स्थापना/क्रय के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।

ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर कलेक्टर का जोर

कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने ग्राम स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने 100 किलोग्राम से अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न करने वाले ग्रामों में वैज्ञानिक तरीके से कचरे के संग्रहण, प्रसंस्करण और निस्तारण को प्राथमिकता देने कहा।

उन्होंने प्रत्येक ग्राम में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप 2 से 3 जल पुनर्भरण संरचनाएं विकसित करने पर भी जोर दिया।

जल जीवन मिशन का अगला चरण जल स्रोतों की स्थिरता पर केंद्रित

कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन का आगामी चरण केवल पाइपलाइन और नल कनेक्शन तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें जल स्रोतों की स्थिरता, नियमित जलापूर्ति, जल संरक्षण और ग्राम पंचायत आधारित सेवा प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, स्थायित्व और ग्राम स्तर पर प्रभावी सेवा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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