बीएसएफ ट्रेडमैन जवानों की नौकरी बहाली की मांग, 9 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर धरने का ऐलान

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400 जवानों के समर्थन में अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन ने उठाई आवाज

संगठन का दावा—एनएसक्यूएफ लेवल-1 प्रमाणपत्र को लेकर बनी स्थिति से प्रभावित हुए अभ्यर्थी, रोजी-रोटी का संकट

नई दिल्ली। बीएसएफ ट्रेडमैन भर्ती से जुड़े करीब 400 जवानों की नौकरी बहाली की मांग को लेकर अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन ने आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन के महासचिव रणबीर सिंह की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रभावित जवान 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना और अनशन करेंगे।

दो दिन के अनशन की अनुमति को लेकर गतिरोध

संगठन के मुताबिक, जवानों ने 9 और 10 अक्टूबर को दो दिन की भूख हड़ताल की अनुमति मांगी थी। दिल्ली पुलिस की ओर से दो दिन के बजाय एक दिन का कार्यक्रम रखने की बात कही गई है। इसे लेकर संगठन और प्रशासन के बीच सहमति बनाने की कोशिश चल रही है।

एसोसिएशन का कहना है कि प्रभावित जवानों ने जानबूझकर कोई गलती नहीं की, बल्कि वे कथित तौर पर साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। संगठन ने सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर जवानों के भविष्य और रोजगार से जुड़े संकट का समाधान करने की मांग की है।

भर्ती में एनएसक्यूएफ लेवल-1 प्रमाणपत्र का मुद्दा

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वर्ष 2023-24 में बीएसएफ ट्रेडमैन के तहत रसोइया, जलवाहक सहित अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के तहत संचालित प्रशिक्षण केंद्र से NSQF लेवल-1 प्रमाणपत्र की अनिवार्यता बताई गई थी।

संगठन का दावा है कि आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी में वर्ष 2015 से 2023 के बीच इस तरह के NSQF लेवल-1 प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई। इसी स्थिति को लेकर अब भर्ती से जुड़े जवानों के भविष्य पर सवाल खड़े होने की बात कही जा रही है।

लाखों रुपये के कर्ज का भी हवाला

एसोसिएशन ने दावा किया है कि कई प्रभावित जवानों ने नौकरी की उम्मीद में बैंक से करीब 5 से 7 लाख रुपये तक का ऋण लिया है। नौकरी नहीं रहने की स्थिति में उनके सामने बैंक ऋण चुकाने और परिवार का भरण-पोषण करने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

संगठन ने सरकार से जवानों की आर्थिक स्थिति और उनके परिवारों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेवा का भी उल्लेख

प्रेस विज्ञप्ति में संगठन ने कहा है कि प्रधानमंत्री रोजगार मेले के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले इन जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। संगठन के अनुसार, कई जवानों को बेहतर भोजन तैयार करने सहित अपने कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से नकद पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

प्रधानमंत्री से नौकरी बहाली की अपील

संगठन के अनुसार, प्रभावित जवानों ने प्रधानमंत्री को ई-मेल भेजकर अपनी नौकरी बहाल किए जाने की मांग की है। अब न्याय की उम्मीद में करीब 400 जवानों द्वारा जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की तैयारी की जा रही है।

एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर प्रभावित जवानों को राहत देने और उनके रोजगार का रास्ता बहाल करने की मांग की है।

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