दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, ताड़ोकी-रावघाट सेक्शन का CRS ने किया निरीक्षण

अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

रेल संरक्षा आयुक्त ने स्पीड ट्रायल भी किया, सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज सेक्शन के कमीशनिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ी

बिलासपुर, 23 सितंबर 2026। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत चल रही बहुप्रतीक्षित दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। परियोजना के ताड़ोकी-रावघाट सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज सेक्शन का रेल संरक्षा आयुक्त (CRS), दक्षिण पूर्व परिमंडल, कोलकाता सुमीत सिंघल ने निरीक्षण किया। इस दौरान रेलखंड पर गति परीक्षण भी किया गया।

CRS स्पेशल ट्रेन से हुआ रेलखंड का निरीक्षण

रेल संरक्षा आयुक्त सुमीत सिंघल ने CRS स्पेशल ट्रेन के माध्यम से ताड़ोकी से रावघाट तक रेलखंड का निरीक्षण किया। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत सेक्शन पर स्पीड ट्रायल भी संपन्न कराया गया।

निरीक्षण के दौरान रेल लाइन के साथ पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग और अन्य संरक्षा एवं तकनीकी व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया। रेलखंड की परिचालन क्षमता और निर्धारित सुरक्षा मानकों की भी जांच की गई।

वरिष्ठ रेल अधिकारियों की मौजूदगी

निरीक्षण और गति परीक्षण के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्यालय बिलासपुर से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) मुदित भटनागर तथा रायपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक दयानंद सहित रेलवे विकास से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) की ओर से सरोज कांता पात्रा, पीईडी ईस्ट-आरवीएनएल, भावेश पांडे, सीपीएम/आरवीएनएल/रायपुर और कन्हैया गोयल, एजीएम/आरवीएनएल/रायपुर समेत संबंधित अधिकारी भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।

कमीशनिंग की दिशा में अहम प्रक्रिया

रेलवे के अनुसार CRS द्वारा किया गया निरीक्षण और स्पीड ट्रायल किसी नए रेलखंड को परिचालन के लिए तैयार करने की निर्धारित प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दौरान संरक्षा से जुड़े विभिन्न तकनीकी मानकों की जांच की जाती है।

दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवा उपलब्ध है। ताड़ोकी-रावघाट सेक्शन की कमीशनिंग से इस रेल संपर्क को आगे विस्तार मिलने की संभावना है।

दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

ताड़ोकी-रावघाट रेलखंड पर ट्रेन परिचालन शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों को व्यापक रेल नेटवर्क से जुड़ने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन के अधिक सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होंगे।

नई रेल लाइन से कृषि उत्पादों और स्थानीय व्यापारिक सामग्री के परिवहन को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा रेल संपर्क मजबूत होने से क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान हो सकती है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिल सकता है लाभ

रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से क्षेत्र में पर्यटन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बेहतर परिवहन व्यवस्था निवेश और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी अनुकूल वातावरण तैयार कर सकती है।

रेल प्रशासन के अनुसार ताड़ोकी-रावघाट सेक्शन का निरीक्षण और गति परीक्षण कमीशनिंग की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति है। निर्धारित संरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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