जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने पेंड्रा तहसील में पदस्थ तहसीलदार अविनाश कुजूर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जिलाध्यक्ष गजमती भानू के नेतृत्व में कांग्रेस ने आज कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तहसीलदार को तत्काल हटाकर जिला कार्यालय में अटैच करने और पेंड्रा में नए तहसीलदार की पदस्थापना की मांग की है।

क्रमांक 27 दिनांक 06/05/2026 के ज्ञापन में कांग्रेस ने तहसीलदार की कार्यप्रणाली को पूर्णतः निरंकुश, गैर-जिम्मेदाराना और जनविरोधी बताया है। आरोप है कि तहसीलदार द्वारा न तो शासकीय कार्यों का समय पर निष्पादन किया जा रहा है और न ही आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाई जा रही है।
तहसील कार्यालय में नामांतरण, सीमांकन, आय, निवास, जाति सहित सैकड़ों प्रकरण जानबूझकर लंबित रखे गए हैं। इससे आम नागरिकों को महीनों तक कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। तहसीलदार द्वारा आम नागरिकों के फोन कॉल तक नहीं उठाए जाते, जो उनके दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है।
बिना लेन-देन के काम नहीं’ का आरोप ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र में यह धारणा बन चुकी है कि बिना लेन-देन के कोई कार्य नहीं किया जाता। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है। तहसीलदार का रवैया इतना असंवेदनशील और मनमाना है कि वे जनता की समस्याओं को सुनना तक उचित नहीं समझते और अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
सुशासन तिहार’ भी फेल
कांग्रेस ने कहा कि राज्य शासन द्वारा 1 मई से 15 जून तक “सुशासन तिहार” का आयोजन किया जा रहा है जिसका उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। लेकिन पेंड्रा तहसील में तहसीलदार के इस रवैये ने शासन की मंशा को पूरी तरह विफल कर दिया है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि पत्र की प्राप्ति के 7 दिवस के भीतर ठोस और स्पष्ट कार्रवाई नहीं की जाती है, तो कांग्रेस द्वारा “सुशासन तिहार” के कार्यक्रमों में पहुंचकर काले झंडे दिखाकर उग्र जनआंदोलन किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन को भी भेजी गई है। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष गजमती भानू सहित कई पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। कार्यालय में आवक दिनांक 06/05/2026 की मुहर लगी है


