एनजीटी की रोक के बीच कथित अवैध उत्खनन और परिवहन के आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM)। जिले के मरवाही तहसील क्षेत्र में रेत खनन को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्राम रूमगा की रेत खदान के साथ सिलपहरी और कोलबीरा क्षेत्र में कथित तौर पर रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद कुछ स्थानों पर रेत निकालने का काम जारी है।
रूमगा, सिलपहरी और कोलबीरा में उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर मिल रही शिकायतों के मुताबिक इन क्षेत्रों में नदी से रेत निकालने और उसे परिवहन किए जाने की गतिविधियां देखे जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। यदि शिकायतों की पुष्टि होती है तो मामला पर्यावरणीय नियमों और रेत खनन से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़ सकता है।
एनजीटी के निर्देशों के बीच निगरानी पर सवाल
रेत खनन पर लागू पर्यावरणीय नियमों और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के बीच कथित अवैध खनन की शिकायतों ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि प्रतिबंधित अवधि में खनन हो रहा है तो संबंधित विभाग की टीमों द्वारा इसकी निगरानी और कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की
ग्रामीणों एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने प्रशासन से रूमगा, सिलपहरी और कोलबीरा क्षेत्र की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही खनन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों की जांच, अवैध उत्खनन की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और नदी क्षेत्रों के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है।
जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति
रेत खनन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में अब जिला प्रशासन और खनिज विभाग की कार्रवाई पर नजर रहेगी। यदि जांच में अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।




