रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून का असर लगातार जारी है। मौसम विभाग के अनुसार आज भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। खासतौर पर रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, राजनांदगांव समेत मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि 8 जुलाई से बारिश की तीव्रता और इसका दायरा धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
बलौदाबाजार में सबसे ज्यादा 20 सेंटीमीटर बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। इस दौरान सबसे अधिक 20 सेंटीमीटर बारिश बलौदाबाजार में रिकॉर्ड की गई। वहीं राजनांदगांव में 14 सेंटीमीटर और रायपुर में करीब 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण मध्य छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
स्टॉप डेम के ऊपर से बह रहा पानी, हादसे का खतरा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश से जहां किसानों में खुशी का माहौल है, वहीं कई जलस्रोतों में जलस्तर बढ़ गया है।
गौरेला क्षेत्र के गागपुर बसीम पटी गांव में स्थित स्टॉप डेम के ऊपर से लगातार पानी बह रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर डेम पार करते और बहते पानी में मछली पकड़ते नजर आए, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
नदी-नाले उफान पर, कई मार्ग प्रभावित
बलौदाबाजार जिले में लगातार बारिश के कारण शिवनाथ नदी समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं। अमेठी घाट, सेमरिया घाट सहित कई पुल-पुलियों पर पानी भर गया है।
भाटापारा क्षेत्र के सेमरिया घाट पुल पर करीब तीन फीट ऊपर पानी बहने की जानकारी सामने आई है। जलभराव के कारण भाटापारा-बिलासपुर मुख्य मार्ग का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पानी भरे पुल-पुलियों को पार करने से बचें और सुरक्षा का ध्यान रखें।
8 जुलाई से बारिश में कमी के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। वहीं 8 जुलाई से मानसूनी गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।
प्रशासन ने नागरिकों से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।


