रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक कला, शिल्प और विकास की उपलब्धियों का भव्य संगम आज से राज्योत्सव-2026 में देखने को मिलेगा। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर (मेला ग्राउंड), ग्राम तूता में तीन दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। आयोजन में विकास प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों और भारतीय वायुसेना के रोमांचक एयर शो प्रमुख आकर्षण होंगे।
मनसुख मांडविया करेंगे राज्योत्सव का उद्घाटन
राज्योत्सव के पहले दिन 1 नवंबर को उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया होंगे। 2 नवंबर को राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि 3 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह समापन समारोह में मुख्य अतिथि रहेंगे।
इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को किया जाएगा याद
छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 1 नवंबर 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुआ था। राज्योत्सव के माध्यम से उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी। आयोजन में राज्य निर्माण के पीछे रही जनभावनाओं, संघर्षों और आकांक्षाओं को भी याद किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका और संभावनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इस वर्ष की थीम के जरिए महिलाओं की भागीदारी, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के साथ युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और ऊर्जा को प्रदेश के विकास से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा।
विकास प्रदर्शनियों में दिखेंगी सरकारी योजनाएं और उपलब्धियां
नवा रायपुर के मेला ग्राउंड में विभिन्न शासकीय विभाग अपनी विकास प्रदर्शनियों के माध्यम से योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और उपलब्धियों की जानकारी देंगे। इनमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ मिशन जैसे विषय प्रमुखता से शामिल होंगे।
वहीं, शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय कारीगरों की रचनात्मक प्रतिभा देखने को मिलेगी। राज्योत्सव के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टर दिखाएंगे हवाई करतब
राज्योत्सव का प्रमुख रोमांचक आकर्षण भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का एयर शो होगा। 2 नवंबर को सुबह 11 बजे से नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में विशेष प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
इस दौरान पांच स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों के जरिए वायुसेना के दक्ष पायलट सामूहिक उड़ान, आकर्षक हवाई संरचनाओं और रोमांचक करतबों का प्रदर्शन करेंगे। मोर से प्रेरित रंगों में सजे हेलीकॉप्टरों की सटीक और समन्वित उड़ान दर्शकों के लिए खास आकर्षण होगी।
ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शन करने वाली टीम में महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर अक्षया भी शामिल हैं। यह प्रदर्शन भारतीय वायुसेना के साहस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और स्वदेशी विमानन क्षमता को प्रदर्शित करेगा।
पलक मुच्छल और अभिजीत भट्टाचार्य की संगीत प्रस्तुतियां
राज्योत्सव के तीनों दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन शाम 4 बजे से स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां शुरू होंगी। शाम 7 बजे राज्य स्तरीय कलाकार और रात 8 बजे राष्ट्रीय स्तर के कलाकार मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकगीत, लोकनृत्य और लोककलाओं के साथ देश के प्रसिद्ध कलाकारों की संगीत प्रस्तुतियां भी होंगी।
- 1 नवंबर: प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल की प्रस्तुति।
- 2 नवंबर: गायिका स्वस्ति मेहुल का कार्यक्रम।
- 3 नवंबर: प्रसिद्ध पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य की संगीतमय प्रस्तुति।
सभी जिला मुख्यालयों में भी होंगे आयोजन
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को स्थापना दिवस का उत्सव मनाया जाएगा। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास प्रदर्शनियों के माध्यम से स्थानीय लोकपरंपराओं, कलाकारों और जिलों की विकास उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
नवा रायपुर से लेकर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों तक आयोजित होने वाला राज्योत्सव-2026 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, राज्य निर्माण के गौरव और विकास की आकांक्षाओं को मंच प्रदान करेगा। इस वर्ष की ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम के जरिए महिला सशक्तिकरण और युवाओं की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया है।
