सारंगढ़-बिलाईगढ़। धान खरीदी की तैयारियों और किसानों के पंजीयन से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बघेल ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को धान बेचने से रोकने के लिए नियमों का सहारा लिया जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने की साजिश की जा रही है। बघेल ने कहा कि धान खरीदी किसानों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में पंजीयन से लेकर राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियों के सुधार तक की प्रक्रिया समय पर पूरी होनी चाहिए।
पटवारियों की हड़ताल से किसानों की बढ़ सकती है परेशानी
वीरेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि धान बेचने के लिए किसानों का पंजीयन, गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर आईडी और राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटियों का सुधार जरूरी है। पटवारियों की हड़ताल के कारण इन कार्यों में देरी होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि फौती, नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं होने से किसानों का पंजीयन अटक सकता है। इसका सीधा असर धान विक्रय की प्रक्रिया पर पड़ने की आशंका है।
किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाने की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि गलत नियमों के जरिए किसानों को मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं और लंबित राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।
उन्होंने फार्मर आईडी और एग्री-स्टैक पोर्टल से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की।
तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में नहीं उलझें किसान
बघेल ने कहा कि किसानों को तकनीकी दिक्कतों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण अपनी उपज बेचने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। सरकार की जिम्मेदारी है कि किसानों को समय पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो, ताकि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे।
