BSF Tradesmen Protest: लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के नीचे बैठकर लगाई गुहार, नए वैध प्रमाणपत्र जमा करने का अवसर देने की मांग
नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (BSF) से बर्खास्त किए गए करीब 400 ट्रेड्समैन ने दोबारा सेवा में बहाली की मांग को लेकर बीएसएफ मुख्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। विभिन्न राज्यों से आए कुक, वाटर कैरियर और महिला ट्रेड्समैन ने लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के नीचे बैठकर अपनी मांग रखी। अलायन्स ऑफ ऑल एक्स पैरा मिलिटरी फोर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि ये जवान ऑनलाइन साइबर ठगी का शिकार हुए थे और उन्हें मानवीय आधार पर सेवा में लौटने का अवसर दिया जाना चाहिए।

डेढ़-दो साल नौकरी के बाद बर्खास्तगी का मामला
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह के अनुसार, संबंधित ट्रेड्समैन ने भर्ती के दौरान ऑनलाइन ट्रेनिंग से जुड़े प्रमाणपत्र जमा किए थे। बाद में विभाग ने इन प्रमाणपत्रों को कथित तौर पर फर्जी मानते हुए जवानों को करीब डेढ़ से दो साल की सेवा के बाद बर्खास्त कर दिया। एसोसिएशन का दावा है कि जवानों ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेज जमा नहीं किए, बल्कि वे एक साइबर ठग की धोखाधड़ी का शिकार हुए।

RTI के जवाब को बनाया बहाली की मांग का आधार
एसोसिएशन ने दावा किया कि RTI से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 से 2023 के बीच SIDH पोर्टल पर कुक और वाटर कैरियर पदों के लिए NSDC Level-1 कोर्स उपलब्ध नहीं था। संगठन का कहना है कि इस जानकारी के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति में झारखंड के कोडरमा से जुड़े एक कथित साइबर ठग का भी उल्लेख किया गया है, जिस पर ‘डिफेंस 93’ नाम से अलग-अलग पतों के जरिए फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने का आरोप लगाया गया है। एसोसिएशन के मुताबिक, इस मामले में पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।
BSF मुख्यालय में प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात
एसोसिएशन के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 को अपर पुलिस महानिदेशक एच.आर. सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने BSF मुख्यालय में महानिरीक्षक (पर्सनल) मकरंद देवस्कर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। संगठन का कहना है कि बैठक में मामले की समीक्षा करने और संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया गया।
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान भी BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जवानों से मुलाकात कर उनके हित में आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। हालांकि, सेवा बहाली को लेकर विभाग की ओर से किसी अंतिम निर्णय की जानकारी विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।
400 परिवारों की आजीविका का हवाला
एसोसिएशन ने कहा कि बर्खास्तगी के बाद करीब 400 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। संगठन के मुताबिक, कई जवानों ने नौकरी के दौरान बैंक से पांच से सात लाख रुपये तक का कर्ज लिया था, जिसकी किस्तें चुकाना अब मुश्किल हो रहा है।
एसोसिएशन ने कुछ मामलों में सेवा में बने रहने के अवसर दिए जाने का हवाला देते हुए सभी प्रभावित ट्रेड्समैन के लिए समान और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि कई जवानों को सेवा के दौरान अच्छा काम करने के लिए अधिकारियों से पुरस्कार मिले थे।
प्रधानमंत्री से दिवाली पर बहाली का तोहफा देने की अपील
अलायन्स ऑफ ऑल एक्स पैरा मिलिटरी फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। संगठन की मांग है कि बर्खास्त ट्रेड्समैन को समयबद्ध तरीके से नए वैध प्रमाणपत्र जमा कराने का अवसर दिया जाए और मानवीय आधार पर उनकी सेवा बहाली पर विचार किया जाए।
महासचिव रणबीर सिंह ने उम्मीद जताई कि सरकार और BSF नेतृत्व प्रभावित जवानों तथा उनके परिवारों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेंगे, ताकि इन परिवारों के घरों में भी दिवाली की खुशियां लौट सकें।


