अस्पताल और बाजार इलाकों में लगातार वारदात, पुलिस ने कार्रवाई कर गिरोह तक पहुंच बनाई
अंबिकापुर में दुपहिया वाहन चोरी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शहर के अस्पताल परिसरों और भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों से बाइक चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सात मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग चार लाख रुपये बताई जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चलाया गया विशेष अभियान, साइबर सेल की मदद से मिली सफलता
सरगुजा जिले में बढ़ती चोरी की घटनाओं को देखते हुए डीआईजी और एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के नेतृत्व में थाना मणिपुर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार किया।
मुख्य आरोपी दीपक प्रजापति ने कबूला कई वारदातों में शामिल होना
पुलिस ने संदेह के आधार पर बरगीडीह निवासी दीपक प्रजापति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने फरवरी से अप्रैल के बीच अलग-अलग स्थानों से कई मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की। उसने चांदो बाजार, मिशन अस्पताल, महामाया चौक और जिला अस्पताल परिसर से लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की जानकारी दी।
सह आरोपी जावेद खान के कब्जे से अपाचे बाइक बरामद, दोनों की भूमिका सामने आई
पूछताछ के दौरान दीपक ने अपने साथी जावेद खान का नाम बताया, जिसके पास चोरी की एक अपाचे मोटरसाइकिल छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने जावेद खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने भी वाहन अपने कब्जे में रखना स्वीकार किया। उसके पास से अपाचे बाइक बरामद की गई।
सात मोटरसाइकिल जब्त, शहर में सक्रिय वाहन चोरों के खिलाफ सख्त संदेश
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल सात मोटरसाइकिल जब्त की हैं, जिनमें स्प्लेंडर प्लस और अपाचे जैसे मॉडल शामिल हैं। ये सभी वाहन शहर के अलग-अलग स्थानों से चोरी किए गए थे। इस कार्रवाई से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वाहन चोरी के मामलों में सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, पहले भी चोरी के मामलों में रहे शामिल
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी दीपक प्रजापति के खिलाफ पहले भी सीतापुर और कोतवाली अंबिकापुर थानों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।


