रायगढ़, 23 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पर्व पर ग्राम जुनवानी की बिहान दीदियां महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश कर रही हैं। गांव के 6 स्व-सहायता समूहों की महिलाएं बीज और फैंसी राखियां तैयार कर रही हैं। अब तक करीब 1.50 लाख रुपये की राखियों की बिक्री हो चुकी है।
महतारी वंदन की राशि को बनाया आजीविका का जरिया
समूह की महिलाओं ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उन्हें आजीविका गतिविधियों के लिए आरएफ से 15 हजार रुपये की सहायता मिली। वहीं आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए सीआईएफ से 60 हजार रुपये का उपयोग किया गया। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि का भी उपयोग राखी निर्माण के लिए कच्चा माल खरीदने में किया।
बीज राखी बनी खास पहचान
जुनवानी की महिलाओं द्वारा तैयार बीज राखियां इस पहल का प्रमुख आकर्षण हैं। रक्षाबंधन के बाद राखी में मौजूद बीज को मिट्टी में रोपकर पौधा तैयार किया जा सकता है। इस तरह यह पहल त्योहार की खुशियों के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रही है।
30 किस्तों से मिला आर्थिक संबल
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि दी जाती है। महिलाओं ने योजना से प्राप्त राशि को आजीविका गतिविधि में लगाकर राखी निर्माण शुरू किया। इससे उन्हें अपने हुनर के जरिए अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिला है।
बिक्री से मिली राशि से बढ़ाएंगी कारोबार
महिलाओं के मुताबिक बाजार में बीज और फैंसी राखियों की मांग बनी हुई है। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये की बिक्री हो चुकी है। बिक्री से प्राप्त राशि का इस्तेमाल आगे राखी निर्माण और अन्य आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने में किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। पीआरपी ऋतु बंजारे ने कहा कि जुनवानी की महिलाओं ने उपलब्ध संसाधनों और अपने हुनर का बेहतर उपयोग करते हुए राखी निर्माण को आय का माध्यम बनाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




