सारंगढ़। सरिया क्षेत्र के साल्हेओना तहसील स्थित बाबा वैद्यनाथ मिनरल्स क्रेशर में एक श्रमिक की मौत के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्रेशर को सील कर दिया है। घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और खनिज विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
श्रमिक की मौत से फैला आक्रोश
जानकारी के अनुसार क्रेशर में कार्यरत श्रमिक रवि विशाल की ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह मशीनरी या डस्ट क्षेत्र के आसपास कार्य कर रहा था, जहां यह हादसा हुआ।
हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर आरोप
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्रेशर में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की जा रही थी।
आरोप है कि—
▪️ श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे
▪️ दुर्घटना बीमा की व्यवस्था नहीं थी
▪️ हादसे के बाद वास्तविक स्थिति छिपाने का प्रयास किया गया
परिजनों का यह भी आरोप है कि मौत को बीमारी से जोड़कर गुमराह करने की कोशिश की गई।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनकी मांग है कि—
▪️ जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज की जाए
▪️ मृतक परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए
▪️ श्रमिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई हो
प्रशासनिक कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर क्रेशर को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खनिज विभाग की भूमिका पर सवाल
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि क्रेशर में अनियमितताएं थीं तो खनिज विभाग ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।
लोगों का कहना है कि यह घटना विभागीय निगरानी व्यवस्था की गंभीर कमी को उजागर करती है।
यह घटना एक बार फिर श्रमिक सुरक्षा, औद्योगिक नियमों के पालन और विभागीय निगरानी की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।




