राउरकेला (ओडिशा), 19 जून 2026 को सुंदरगढ़ जिले में बाल मजदूरी समाप्त करने के 15 दिवसीय अभियान के तहत राउरकेला नगर निगम के प्रेक्षागृह में एक महत्वपूर्ण जागरूकता बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य बाल मजदूरी उन्मूलन, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करना रहा।
संयुक्त आयुक्त ने दिया बाल संरक्षण और पुनर्वास पर जोर
कार्यक्रम में राउरकेला नगर निगम की संयुक्त आयुक्त पल्लवी नायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने बाल मजदूरी खत्म करने, बच्चों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

विभिन्न विभागों और संगठनों की रही सक्रिय भागीदारी
बैठक में कई प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें सुमी ओराम (अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति), संदीप गौतम (जनसंपर्क अधिकारी), आकाश पात्रा (जिला समन्वयक, जिला बाल सुरक्षा इकाई), प्रणब जेना, सुनीता किसान, दर्शनी एक्का (प्रभागीय श्रमिक अधिकारी), सीमा फातिमा एक्का (जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी) सहित कई अन्य अधिकारी शामिल हुए।

बाल मजदूरी उन्मूलन और कानूनी जागरूकता पर हुई चर्चा
बैठक में बाल मजदूरी रोकने, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और बाल श्रम कराने पर कानूनी सजा को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने जिले को बाल मजदूरी से मुक्त बनाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर विचार-विमर्श किया।

औद्योगिक क्षेत्र और संस्थाओं की भागीदारी से अभियान को मिली गति
इस बैठक में चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के सदस्य, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, औद्योगिक क्षेत्रों के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए। सभी ने मिलकर बाल संरक्षण अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने का संकल्प लिया।


