सुंदरगढ़। ओडिशा विजिलेंस ने लाहूनीपाड़ा थाना क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक एएसआई और उसके कथित सहयोगी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक भोजनालय संचालक से आबकारी मामले में मदद करने और गिरफ्तारी से बचाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के बाद विजिलेंस ने बिछाया जाल
जानकारी के अनुसार, लाहूनीपाड़ा पुलिस स्टेशन में पदस्थ अतिरिक्त उप निरीक्षक (ASI) मदन मोहन प्रधान ने एक भोजनालय मालिक से 20 हजार रुपये की मांग की थी। बताया गया कि भोजनालय संचालक और उसके छोटे भाई के खिलाफ दर्ज आबकारी मामले में मदद करने तथा गिरफ्तारी नहीं करने के बदले यह रकम मांगी गई थी।
गिरफ्तारी की धमकी देने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, एएसआई ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि यदि 20 हजार रुपये नहीं दिए गए तो उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया जाएगा। परेशान होकर भोजनालय संचालक ने मामले की जानकारी ओडिशा विजिलेंस को दी।
20 हजार रुपये लेते पकड़े गए
शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने 29 अगस्त 2026 को कार्रवाई की। टीम ने एएसआई मदन मोहन प्रधान और उनके कथित साथी मंदीप कुमार दासमोदक को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। विजिलेंस के अनुसार रिश्वत की पूरी रकम आरोपियों के कब्जे से बरामद कर जब्त कर ली गई है।
तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी
ट्रैप कार्रवाई के बाद विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति (DA) से संबंधित जांच भी शुरू कर दी है। इसके तहत एएसआई मदन मोहन प्रधान से जुड़े तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
मामले में राउरकेला विजिलेंस पुलिस स्टेशन में 29 अगस्त 2026 को केस नंबर 10 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की जानकारी सामने आने की संभावना है।




