चार-पांच महीने से अंत्योदय कार्डधारियों को नहीं मिली शक्कर, शाखा यादव ने सरकार पर साधा निशाना

Advertisement
Advertisement

बोले- चावल का आबंटन रुके तो पैसा देने की दरियादिली, शक्कर गायब हो तो मौन क्यों?

रायगढ़, 28 अगस्त। अंत्योदय राशन कार्डधारियों को पिछले चार-पांच महीनों से शक्कर नहीं मिलने के मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष शाखा यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार की राशन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीब परिवारों को मिलने वाली जरूरी खाद्य सामग्री महीनों तक उपलब्ध नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।

गरीब परिवारों के लिए राशन की हर वस्तु महत्वपूर्ण : यादव

शाखा यादव ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अंत्योदय राशन कार्ड की श्रेणी में आते हैं। इन परिवारों के लिए राशन की प्रत्येक वस्तु का महत्व है। उनके अनुसार, पिछले चार-पांच महीनों से पात्र हितग्राहियों को शक्कर नहीं मिल रही है, जबकि बाजार में शक्कर की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि जिस वस्तु को खुले बाजार से खरीदना गरीब परिवारों के लिए मुश्किल है, अगर वही शक्कर सरकारी राशन दुकान से भी उपलब्ध न हो तो अंत्योदय परिवारों के सामने परेशानी खड़ी होना स्वाभाविक है।

चावल के बदले पैसा तो शक्कर के मामले में क्यों नहीं?

शाखा यादव ने राशन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी समय चावल का आबंटन नहीं आता है, तब कुछ राशन दुकान संचालकों की ओर से हितग्राहियों को चावल के बदले राशि देने का प्रस्ताव सामने आने की बात कही जाती है। उन्होंने सवाल किया कि यदि चार-पांच महीने से शक्कर उपलब्ध नहीं है तो उसके बदले राशि देने की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है?

उन्होंने कहा, “क्या गरीब की थाली में चावल का मूल्य है और शक्कर का कोई मूल्य नहीं?”

बाजार से शक्कर खरीदना गरीब परिवारों के लिए मुश्किल

कांग्रेस नेता ने कहा कि बाजार में शक्कर की कीमत बढ़ने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। सरकार ने जिन परिवारों को अंत्योदय श्रेणी में रखा है, उनके लिए राशन दुकान से मिलने वाली शक्कर महज सुविधा नहीं बल्कि घरेलू जरूरत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास शक्कर उपलब्ध नहीं है तो कम से कम निर्धारित कीमत के बराबर राशि हितग्राहियों के खाते में देने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

सरकार से मांगा शक्कर का लंबित आबंटन जारी करने का जवाब

शाखा यादव ने सरकार से सवाल किया कि शक्कर का आबंटन क्यों रुका है, चार-पांच महीने की कमी कब पूरी होगी और जिन हितग्राहियों को शक्कर नहीं मिली है, उन्हें इसका लाभ कब मिलेगा।

उन्होंने कहा कि केवल राशन कार्ड पर अंत्योदय लिख देने से गरीब परिवारों की समस्या दूर नहीं होती। सरकार को राशन व्यवस्था में वास्तविक राहत सुनिश्चित करनी चाहिए।

लंबित शक्कर तत्काल उपलब्ध कराने की मांग

शाखा यादव ने प्रदेश सरकार से मांग की कि अंत्योदय कार्डधारियों को लंबित चार-पांच महीने की शक्कर तत्काल उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी कारण से शक्कर का आबंटन उपलब्ध नहीं है और सरकार फिलहाल शक्कर देने में असमर्थ है, तो निर्धारित मूल्य के बराबर राशि हितग्राहियों को देने की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि गरीबों के राशन के मामले में दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। चावल के बदले राशि देने का रास्ता निकाला जा सकता है तो शक्कर के मामले में भी हितग्राहियों को राहत देने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

Advertisement
Share This Article