कुड़ेकेला (रायगढ़)। एसईसीएल उपक्षेत्र नावापारा आवासीय परिसर में बन रहे करोड़ों रुपये के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय सूत्रों और मौके पर मौजूद स्थिति के आधार पर बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की मजबूती और भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बुनियाद में ही लापरवाही के आरोप
जानकारी के अनुसार, आवासीय परिसर से निकलने वाले गंदे पानी के पुनः उपयोग हेतु यह आधुनिक एसटीपी प्लांट तैयार किया जा रहा है। लेकिन आरोप है कि निर्माण के शुरुआती चरण से ही ठेकेदार द्वारा मानकों को दरकिनार कर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
सीमेंट, रेत, सरिया और कंक्रीट मिश्रण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ठेकेदार की मनमानी पर इंजीनियरों की चुप्पी
सबसे बड़ा सवाल विभागीय निगरानी व्यवस्था पर उठ रहा है। आरोप है कि जिम्मेदार इंजीनियरों की मौजूदगी के बावजूद निर्माण कार्य में हो रही अनियमितताओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे उनकी भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण योजना पर संकट के बादल
यह प्रोजेक्ट पर्यावरण संरक्षण और जल पुनर्चक्रण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन निर्माण में लापरवाही के चलते इसके भविष्य पर संकट मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले ही सवालों के घेरे में आ जाएगा।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और लोग पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि करोड़ों की सरकारी योजना में हो रही कथित अनियमितताओं का सच सामने आ सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।


