रायगढ़। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायगढ़ में शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी की प्रतिमा पर माल्यार्पण नहीं किए जाने को लेकर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सलीम निहारिया ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे शहीद के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए मामले में जिम्मेदारी तय करने और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी की प्रतिमा को लेकर उठे सवाल
नेता प्रतिपक्ष सलीम निहारिया के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्होंने शहर में स्थापित महात्मा गांधी, काकले चौक स्थित महापुरुषों तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जब वे शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम पहुंचे तो मुख्य द्वार पर स्थापित शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी की प्रतिमा पर माल्यार्पण नहीं होने की बात सामने आई।
उन्होंने कहा कि जिस स्टेडियम का नाम कर्नल विप्लव त्रिपाठी के नाम पर है, उसी के प्रवेश द्वार पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर श्रद्धांजलि नहीं दिया जाना गंभीर चिंता का विषय है।
प्रशासनिक प्रोटोकॉल पर भी उठाए सवाल
सलीम निहारिया ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे तथा उनका काफिला स्टेडियम के आसपास से गुजरा, लेकिन शहीद की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने के लिए समय नहीं निकाला गया।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन के पास कार्यक्रम और वीआईपी प्रोटोकॉल के लिए समय निर्धारित था, तो शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के लिए कुछ क्षण क्यों नहीं निकाले गए।
‘शहीदों का सम्मान केवल आयोजनों तक सीमित न रहे’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी का बलिदान रायगढ़ ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। ऐसे में उनके नाम पर बने स्टेडियम और वहां स्थापित प्रतिमा का सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान केवल भाषणों और आयोजनों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि राष्ट्रीय पर्वों पर उनकी स्मृतियों को सम्मान देना भी हमारी जिम्मेदारी है।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
सलीम निहारिया ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल माल्यार्पण का विषय नहीं, बल्कि रायगढ़ की जनता और शहीदों के सम्मान से जुड़ा मामला है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में लीपापोती की कोशिश की गई तो विपक्ष इसे जनता के बीच उठाएगा और सड़क से लेकर सदन तक आवाज बुलंद करेगा।
प्रशासन के जवाब का इंतजार
इस पूरे मामले में नेता प्रतिपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी की प्रतिमा पर माल्यार्पण क्यों नहीं किया गया और इसके लिए कोई निर्धारित प्रोटोकॉल या कार्यक्रम था या नहीं।
अब सवाल यह है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी की प्रतिमा के सम्मान को लेकर सामने आए इस मामले में प्रशासन क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या जिम्मेदारी तय की जाती है।




