प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वत मांगने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत

Advertisement
Advertisement

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के ग्राम हिर्री में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। गांव के कई ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि योजना में नाम जोड़ने के एवज में ₹10,000 की मांग की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने ₹5,000 दे दिए, लेकिन शेष राशि नहीं देने पर उन्हें “पक्का मकान” होने का हवाला देकर योजना से अपात्र घोषित कर दिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार, उनका आवास प्लस 2.0 सर्वे-2024 में सर्वेक्षण किया गया था और ग्राम सभा की पात्र सूची में भी उनका नाम शामिल था। इसके बावजूद बाद में उनका नाम लाभार्थी सूची से हटा दिया गया। शिकायत में सरपंच और सचिव पर पैसे मांगने तथा पूरी राशि नहीं मिलने पर योजना से वंचित करने का आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता महिला का कहना है कि उनका स्वयं का पक्का मकान नहीं है और वह दूसरे के घर में रहकर जीवनयापन कर रही हैं। उनका दावा है कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्र हितग्राही हैं, लेकिन उन्हें गलत तरीके से अपात्र घोषित कर दिया गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पहले उनके घर की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाए और इसके बाद जिन लोगों को योजना का लाभ दिया गया है, उनके मकानों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए।

महिला ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्र सूची में शामिल कर आवास का लाभ दिलाने की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों की प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Advertisement
Share This Article