स्वर्णकार समाज के महिला, पुरुष और बच्चों ने उत्साह से लिया हिस्सा, पूजा-अर्चना कर समाज की सुख-समृद्धि की कामना की
पेंड्रा। स्वर्णकार समाज के आराध्य आदि गुरु अजमीढ़ की जयंती पेंड्रा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के महिला, पुरुष और बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर आदि गुरु अजमीढ़ के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। धार्मिक अनुष्ठानों और सामूहिक भोज के माध्यम से समारोह में भक्ति के साथ सामाजिक एकता का संदेश भी देखने को मिला।

सुंदरकांड पाठ से हुआ समारोह का शुभारंभ
जयंती समारोह की शुरुआत भक्तिमय सुंदरकांड पाठ के साथ हुई। पाठ के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। उपस्थित समाजजनों ने श्रद्धापूर्वक सुंदरकांड का श्रवण किया और भक्ति भाव में शामिल हुए।
इस अवसर पर कार्यक्रम में पहुंचे सभी समाजजनों का पीतांबरी वस्त्र और माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद विधि-विधान से हवन का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने आहुतियां अर्पित कीं।
आरती कर समाज की उन्नति की कामना
हवन के पश्चात समाजजनों ने आदि गुरु अजमीढ़ की आरती उतारी। सभी ने सुख, शांति और समृद्धि के साथ समाज की निरंतर उन्नति एवं खुशहाली की कामना की। पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
सामूहिक भोज में दिखी सामाजिक एकता
धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद समाज के सभी लोगों ने एक साथ सामूहिक भोज ग्रहण किया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति, पारस्परिक सद्भाव और सामाजिक एकजुटता का माहौल बना रहा।
सामूहिक भोज के साथ आदि गुरु अजमीढ़ जयंती समारोह का समापन हुआ। आयोजन ने समाज के लोगों को एक मंच पर जोड़ते हुए अपनी परंपराओं, आस्था और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।


