Adani Power Phase-III : 1600 मेगावाट विस्तार परियोजना को जनसुनवाई में मिला व्यापक समर्थन, 29 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण हुए शामिल

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सुपा में पर्यावरणीय जनसुनवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को लेकर अधिकांश वक्ताओं ने जताया समर्थन

रायगढ़। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (सीईसीबी) द्वारा आयोजित अदाणी पावर लिमिटेड की प्रस्तावित फेज-III (2×800 मेगावाट अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट) की पर्यावरणीय जनसुनवाई सोमवार को ग्राम सुपा, तहसील पुसौर में शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। जनसुनवाई में परियोजना प्रभावित 29 ग्राम पंचायतों से करीब 1,000 ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिकांश वक्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए इसे रोजगार, औद्योगिक विकास और क्षेत्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुई जनसुनवाई

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना के तहत आयोजित जनसुनवाई की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। इस दौरान छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी मानवेंद्र शेखर पाण्डेय, एसडीएम महेश शर्मा और सहायक कलेक्टर गोकुल आर. के. भी उपस्थित रहे। पूरी प्रक्रिया प्रशासन और सीईसीबी की निगरानी में निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न हुई।

परियोजना की विशेषताओं की दी गई जानकारी

जनसुनवाई में अदाणी पावर लिमिटेड के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने फेज-III विस्तार परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी, वायु गुणवत्ता प्रबंधन, जल संरक्षण, फ्लाई ऐश प्रबंधन, हरित विकास, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन योजना (EMP) सहित विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की। ग्रामीणों के प्रश्नों और सुझावों का भी विस्तार से जवाब दिया गया।

रोजगार और विकास पर ग्रामीणों ने जताई उम्मीद

जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि परियोजना के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही स्थानीय व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। वक्ताओं ने विकास और जनकल्याण से जुड़ी अपनी अपेक्षाएं भी सामने रखीं।

जनप्रतिनिधियों ने रखे सुझाव

बैठक में बरपाली के सरपंच संजय मैत्री, मिरौनी की सरपंच मीना पटेल, सेमरा के सरपंच गुलाबराम डनसेना, घुघुवा के सरपंच जगन्नाथ चौहान, सरवानी के फणीन्द्र सिदार, अमलीभौना के ओसराम सिदार, सुपा के सरपंच अनिरुद्ध सिदार तथा बूंगा के उपसरपंच दीनबंधु सिदार सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार और सुझाव रखे।

सामुदायिक विकास कार्यों का भी हुआ उल्लेख

ग्रामीणों ने कहा कि अदाणी पावर लिमिटेड और अदाणी फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पेयजल, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में किए गए कार्यों से आसपास के गांवों में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि फेज-III परियोजना के साथ ये विकास कार्य और अधिक व्यापक होंगे।

पर्यावरणीय मानकों के पालन का आश्वासन

अदाणी पावर लिमिटेड ने भरोसा दिलाया कि परियोजना का संचालन भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के सभी पर्यावरणीय मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। कंपनी ने पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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