पैरा एशियन गेम्स में अभिजीत सखूजा ने जीता कांस्य पदक, 21 साल की उम्र में रचा इतिहास

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जापान में शानदार प्रदर्शन कर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, 26 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचने पर होगा भव्य स्वागत

गोविन्द शर्मा की रिपोर्ट

बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी युवा पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी अभिजीत सखूजा ने जापान में आयोजित पैरा एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया है। महज 21 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता से खेल प्रेमियों और परिजनों में खुशी का माहौल है।

अभिजीत ने प्रतियोगिता की शुरुआत से ही बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालीफाइंग राउंड के सभी मुकाबलों में जीत दर्ज करने के बाद प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन के चेन फेंग्फेई और क्वार्टर फाइनल में सूर्यकांत यादव को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस शानदार सफर के दौरान उन्होंने अपनी प्रतिभा, मेहनत और संघर्ष का परिचय दिया।

सेमीफाइनल में कड़ा मुकाबला, कांस्य पदक पर जमाया कब्जा

सेमीफाइनल मुकाबले में अभिजीत का सामना दिग्गज खिलाड़ी नवीन शिवकुमार से हुआ। मुकाबले में उन्होंने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन मामूली अंतर से फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने कांस्य पदक हासिल कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया।

महज 21 वर्ष की उम्र में पैरा एशियन गेम्स में पदक जीतना अभिजीत के खेल करियर की बड़ी उपलब्धि है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वे छत्तीसगढ़ के सबसे कम उम्र के पैरा एशियन गेम्स पदक विजेता बने हैं। उनकी इस सफलता को प्रदेश में पैरा-बैडमिंटन के लिए भी उत्साहजनक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

26 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचेंगे अभिजीत, स्वागत की तैयारी

प्रतियोगिता में ऐतिहासिक सफलता हासिल करने के बाद अभिजीत सखूजा 26 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर परिजनों, खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में खासा उत्साह है। शहर में अपने इस होनहार खिलाड़ी के भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं।

अभिजीत की उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी इस कामयाबी से बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में गर्व और खुशी का माहौल है।

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