अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, छत्तीसगढ़
लव कुमार की गिरफ्तारी को लेकर प्रियंका शुक्ला ने प्रशासन पर उठाए सवाल, तत्काल रिहाई की मांग
अंबिकापुर/सरगुजा। सरगुजा संभाग में खराब सड़कों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने वाले आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता लव कुमार की गिरफ्तारी का मामला राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे जनता की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने मामले को लेकर प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
गिरफ्तारी और जमानत को लेकर AAP ने उठाए सवाल
आप नेताओं का आरोप है कि लव कुमार ने क्षेत्र की बदहाल सड़कों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पार्टी की ओर से यह भी दावा किया गया है कि स्थानीय एसडीएम न्यायालय में उनकी जमानत याचिका स्वीकार नहीं की गई।
हालांकि, गिरफ्तारी के पीछे पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप और मामले की कानूनी स्थिति की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होगी।
प्रियंका शुक्ला ने दी गिरफ्तारी देने की चेतावनी
आप की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि लव कुमार को तत्काल रिहा नहीं किया गया तो वह स्वयं सरगुजा पहुंचकर गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से सवाल करते हुए कहा कि किसी नागरिक द्वारा व्यवस्था पर सवाल उठाने पर उसे जेल भेजना उचित है या नहीं। उनका आरोप है कि जनता को सड़क, विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवालों का जवाब कार्रवाई के बजाय समाधान के रूप में मिलना चाहिए।
गृहमंत्री पर भी साधा निशाना
प्रियंका शुक्ला ने इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा पर भी निशाना साधा। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि कोई नागरिक खराब सड़कों और जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाता है तो उसके साथ प्रशासन का रवैया कैसा होना चाहिए।
AAP ने संकेत दिया है कि यदि लव कुमार की रिहाई और मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर आगे आंदोलन कर सकती है।
कार्रवाई की वजह और कानूनी स्थिति पर रहेगी नजर
लव कुमार की गिरफ्तारी के मामले में अब पुलिस की ओर से कार्रवाई का आधार और लगाए गए आरोप महत्वपूर्ण होंगे। वहीं AAP द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रशासन और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


