Raigarh Crime News : रायपुर भेजे जा रहे 38.900 टन लोहे में 5 टन की हेराफेरी, पूंजीपथरा पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा; 5 लाख का माल बरामद

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ट्रक चालक ने भाई और गैरेज संचालक के साथ मिलकर रची थी साजिश, बाईपास रोड पर उतारे गए लोहे के दो क्वायल हरिओम गैरेज से बरामद

रायगढ़, 2 नवंबर। औद्योगिक संस्थान से रायपुर भेजे जा रहे करीब 38.900 टन लोहे में से 5 टन माल गायब करने के मामले का रायगढ़ पुलिस ने खुलासा किया है। पूंजीपथरा पुलिस ने सुनियोजित तरीके से लोहे के दो क्वायल की हेराफेरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करीब 5 टन वजन के दोनों क्वायल बरामद किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

धर्मकांटा में वजन कराने पर 5 टन लोहा मिला कम

पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर 2026 को चंद्रहासिनी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड, गेरवानी के सेल्स एग्जीक्यूटिव अर्पित पाण्डेय (28) ने थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 9 सितंबर को प्लांट से पवन पुत्र ट्यूब्स, रायपुर के लिए ट्रक क्रमांक CG10BS7041 में 38.900 टन लोहा लोड कर भेजा गया था।

11 सितंबर को ट्रक चालक मुरली साहू रायपुर पहुंचा और धर्मकांटा में वजन कराने पर करीब 5 टन माल कम पाया गया। इसके बाद चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। शिकायत पर पूंजीपथरा थाने में अपराध क्रमांक 253/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(3) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

भाई के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रची गई साजिश

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान 30 अक्टूबर को ट्रक चालक मुरली साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि मुरली साहू ने अपने भाई चेतन साहू उर्फ रामजाने को ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज इस्तेमाल करने के लिए दिए थे। अपराध में सहयोग करने और जानबूझकर दस्तावेज उपलब्ध कराने के संबंध में साक्ष्य मिलने पर मुरली साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

बाईपास रोड पर ट्रक से उतारे गए थे लोहे के क्वायल

इसके बाद 1 नवंबर को पुलिस ने चेतन साहू उर्फ रामजाने को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, चेतन ने बताया कि रायगढ़ में उसकी मुलाकात अजीत पेट्रोल पंप के पास स्थित हरिओम गैरेज की देखरेख करने वाले संतोष गुप्ता से हुई थी। दोनों ने मिलकर बाईपास रोड के उबड़-खाबड़ रास्ते पर ट्रक से लोहे के दो क्वायल उतारकर बाद में बेचने की योजना बनाई थी।

इसी योजना के तहत 9 सितंबर को ट्रक से दोनों क्वायल उतार दिए गए। इसके बाद संतोष गुप्ता ने उन्हें हरिओम गैरेज में छिपाकर रख दिया। पुलिस ने चेतन से मिली जानकारी के आधार पर गैरेज में दबिश दी और संतोष गुप्ता को हिरासत में लिया।

गैरेज से 5 लाख रुपये के दो क्वायल बरामद

पूछताछ और आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने हरिओम गैरेज से करीब 5 टन वजन के लोहे के दो बंडल बरामद किए। इनकी अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपियों में संतोष कुमार गुप्ता (25), निवासी ग्राम गोरी, जिला रोहतास, बिहार, वर्तमान निवासी बाबाधाम बाईपास रोड दरोगामुड़ा, रायगढ़ और चेतन साहू उर्फ रामजाने (30), निवासी ग्राम देवरी, जिला रायपुर शामिल हैं। दोनों को 1 नवंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका

यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के पर्यवेक्षण में की गई।

कार्रवाई में पूंजीपथरा थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक क्षितिज देवांगन, आरक्षक विनोद शर्मा, हेमसागर पटेल, आदिकंद प्रधान, सुरेन्द्र यादव, ओम प्रकाश तिवारी और सुरेश खुंटे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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