सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शासकीय कामकाज प्रभावित होने के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी सारंगढ़ ने 31 अक्टूबर 2026 को सारंगढ़, बरमकेला और सरिया तहसील के सभी पटवारियों को नोटिस जारी किया है। इसमें तत्काल अपने कर्तव्य पर लौटने और लंबित शासकीय कार्यों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आदेश का पालन नहीं करने पर सेवा अवरोध (ब्रेक इन सर्विस) और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं पटवारी
जानकारी के अनुसार, पटवारी संघ सारंगढ़-बिलाईगढ़ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहा है। इसके चलते पटवारी अपने शासकीय दायित्वों से दूर हैं। प्रशासन का कहना है कि लगातार अनुपस्थिति के कारण आम जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
धान खरीदी से लेकर गिरदावरी तक प्रभावित हुए कार्य
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में पटवारियों की हड़ताल से प्रभावित कार्यों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- धान फसल का डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी।
- धान खरीदी से संबंधित कार्य।
- प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के नुकसान का आकलन एवं सर्वेक्षण।
- लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाले कार्य।
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरण।
- न्यायालयीन कार्य।
प्रशासन ने इन सभी कार्यों को जनहित और शासन की प्राथमिकताओं से जुड़ा बताते हुए पटवारियों की अनुपस्थिति को गंभीर स्थिति माना है।
अनुपस्थित रहने पर सेवा अवरोध और अनुशासनात्मक कार्रवाई
जारी नोटिस में संबंधित पटवारियों को तत्काल ड्यूटी पर उपस्थित होने और लंबित शासकीय कार्यों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने और अनुपस्थित रहने की स्थिति में संबंधित अवधि को सेवा अवरोध (ब्रेक इन सर्विस) के रूप में परिकलित किया जाएगा। इसके अलावा संबंधित विधिक प्रावधानों के तहत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। इसकी जिम्मेदारी संबंधित पटवारी की होगी।
प्रशासन और पटवारी संघ के बीच बढ़ा टकराव
पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और प्रशासन के सख्त आदेश के बाद जिले में स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर पटवारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने आम जनता से जुड़े कामकाज प्रभावित होने का हवाला देते हुए तत्काल काम पर लौटने का निर्देश दिया है। अब प्रशासन के इस आदेश के बाद पटवारी संघ के अगले कदम पर नजर रहेगी।


