खरसिया | लौह पुरुष एवं भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का LIVE प्रसारण खरसिया में भी दिखाने की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए नगर के चौपाटी और रेस्ट हाउस में प्रोजेक्टर लगाए गए थे। शाम 5:30 बजे से प्रसारण शुरू होना निर्धारित था, लेकिन आयोजन स्थलों पर अपेक्षा के अनुरूप लोगों की उपस्थिति नहीं दिखी। वहीं कार्यक्रम में पहुंचीं कोटवार परिवारों की महिलाओं की शिकायतों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।

रेस्ट हाउस में पुलिस टीम की मौजूदगी में हुआ आयोजन
रेस्ट हाउस में टीआई त्रिनाथ त्रिपाठी एवं चौकी पुलिस टीम की मौजूदगी में LIVE प्रसारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पुलिस परिवार की महिलाएं, स्थानीय नागरिक और कार्यकर्ता शामिल हुए। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में नगर मंडल अध्यक्ष विजय शर्मा, महका मंडल अध्यक्ष एवं जनपद उपाध्यक्ष हितेश गबेल, भाजपा नेता महेश साहू सहित कुछ बीडीसी सदस्य भी उपस्थित रहे। हालांकि, दोनों निर्धारित स्थलों पर आम लोगों की भागीदारी सीमित ही नजर आई।

नोटिस काटने की बात कहकर बुलाने का आरोप
कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं कोटवार परिवारों की कुछ महिलाओं ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी परेशानियां साझा कीं। महिलाओं का कहना था कि शाम के समय घरों में छोटे बच्चों को अकेला छोड़कर और खाना बनाने जैसे घरेलू कामों के बीच उन्हें काफी दूर से कार्यक्रम में पहुंचना पड़ा।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें ऊपर से नोटिस काटे जाने की बात कहकर कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए कहा गया था। इसी वजह से उन्हें मजबूरी में घर की जिम्मेदारियां छोड़कर आयोजन स्थल तक आना पड़ा। उनका कहना था कि यदि स्वेच्छा से आमंत्रित किया जाता तो बात अलग थी, लेकिन नोटिस की बात कहकर बुलाए जाने से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा।
पानी और चाय-नाश्ते की व्यवस्था नहीं होने पर जताई नाराजगी
महिलाओं ने आयोजन स्थल पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि दूर से आने के बाद भी वहां न तो चाय-नाश्ते की व्यवस्था थी और न ही किसी ने पीने के पानी तक के लिए पूछा। महिलाओं के मुताबिक, जब उन्हें घर-परिवार की जिम्मेदारियां छोड़कर कार्यक्रम में बुलाया गया था, तो कम से कम पीने के पानी और चाय-नाश्ते की व्यवस्था तो होनी ही चाहिए थी।
आयोजन की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
राष्ट्रीय एकता दिवस का मूल उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसरों पर आयोजित कार्यक्रमों में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही उनकी सुविधाओं और सम्मान का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।
खरसिया में LIVE प्रसारण के दौरान सीमित जनभागीदारी और कोटवार परिवारों की महिलाओं द्वारा सामने रखी गई परेशानियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय एकता का संदेश तभी सार्थक होगा, जब उसे जनभागीदारी के साथ-साथ आम लोगों की सुविधा, सम्मान और संवेदनशीलता से भी जोड़ा जाए।
