शिक्षक प्रतिभा सम्मान से नवाजे गए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार कैवर्त

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और ग्रामीण अंचल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शासकीय प्राथमिक शाला बहरीझोरकी, विकासखंड गौरेला के शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार कैवर्त को राज्य स्तरीय शिक्षक प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया। बिलासपुर के पं. देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन में 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित समारोह में उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न (मोमेंटो) प्रदान कर सम्मानित किया गया।

केंद्रीय राज्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में मिला सम्मान

शिक्षक प्रतिभा अकादमिक छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित इस राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन लाल साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक, पंडरिया विधायक भावना बोहरा और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला मौजूद रहे।

गरिमामय समारोह में धर्मेन्द्र कुमार कैवर्त को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शिक्षक प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया।

ग्रामीण शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान की हुई सराहना

आयोजक समिति ने सम्मान के दौरान कहा कि शिक्षकों द्वारा ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों में ज्ञान और संस्कारों का संचार करने के लिए किए जा रहे अनुकरणीय प्रयास अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायी हैं। शिक्षकों का निरंतर समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा समाज के लिए महत्वपूर्ण है।

समिति ने धर्मेन्द्र कुमार कैवर्त के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, निरंतर समर्पण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पहले भी मिल चुके हैं कई प्रतिष्ठित सम्मान

शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार कैवर्त इससे पहले भी शिक्षा के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्यपाल शिक्षक सम्मान, शिक्षा दूत मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण सम्मान सहित जिला एवं विकासखंड स्तर पर कई सम्मानों से नवाजे जा चुके हैं।

उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय के सहकर्मियों, संकुल एवं पूरे जिले में हर्ष का माहौल है। उनकी सफलता को ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति समर्पण और निरंतर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है। धर्मेन्द्र कुमार कैवर्त का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी उपलब्धि है।

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