काव्य वाटिका सम्मान से नवाजे गए वरिष्ठ साहित्यकार रामनाथ साहू और रामभजन पटेल

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संस्था की 52वीं एवं 53वीं सम्मान श्रृंखला में साहित्य साधना और सृजनशीलता का हुआ अभिनंदन

रायगढ़। साहित्यिक संस्था काव्य वाटिका ने साहित्य साधना, रचनात्मक योगदान और साहित्यिक मूल्यों के प्रति समर्पण को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपनी 52वीं एवं 53वीं सम्मान श्रृंखला में वरिष्ठ साहित्यकार रामनाथ साहू और रामभजन पटेल को काव्य वाटिका सम्मान से सम्मानित किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता, संगीत विशारद एवं प्रसिद्ध वायलिन वादक जगदीश मेहर के निवास निरंजन डाइंग स्थित दिव्यजीवन संघ सत्संग भवन में आयोजित समारोह साहित्य, संस्कृति और सृजनशीलता के प्रति आत्मीय सम्मान का साक्षी बना।

साहित्यकार का सम्मान, आजीवन साधना का अभिनंदन

समारोह में उपस्थित वरिष्ठ साहित्यकारों और कला-संस्कृति से जुड़ी हस्तियों ने दोनों सम्मानित रचनाकारों के साहित्यिक अवदान की सराहना की तथा उनके स्वस्थ, सुखद और सृजनशील जीवन की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि साहित्यकार का सम्मान केवल किसी व्यक्ति विशेष का अभिनंदन नहीं, बल्कि उसकी आजीवन साधना, सामाजिक संवेदनशीलता और साहित्यिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान है।

कार्यक्रम के दौरान साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के महत्व पर भी विचार साझा किए गए। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन साहित्यकारों के बीच संवाद और आत्मीयता को बढ़ावा देते हैं। साथ ही, नई पीढ़ी को लेखन, चिंतन और सृजन के लिए प्रेरित करते हैं। साहित्यिक प्रतिभाओं को पहचानकर उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने से समाज में साहित्य के प्रति सकारात्मक वातावरण निर्मित होता है।

साहित्य और कला जगत की हस्तियां रहीं उपस्थित

समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. के.के. तिवारी, कमल बोहिदार, प्रेमनारायण पटेल, काव्य वाटिका की संस्थापिका डॉ. आशा मेहर ‘किरण’ और डॉ. सुधा देवांगन सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

इसके अलावा पिताम्बर प्रसाद देवांगन, लक्ष्मण संगीत विद्यालय, अभिनव स्कूल की प्राचार्या गीता ठाकुर, चक्रधर संगीत महाविद्यालय की प्राचार्या चंद्रा देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी मेहर, लिशा पटेल, भारती साहू, उर्मिला खम्हारी, साधना मिश्रा, मशहूर आर्टिस्ट मनोज श्रीवास्तव, मनहरण सिंह ठाकुर, ईश्वरी प्रसाद यादव, वरिष्ठ पत्रकार हरेराम तिवारी, दीपक मेहर, देवेंद्र मेहर, उषा मेहर और स्वाति पड्या की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का सफल संचालन आनंद सिंघनपुरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. आशा मेहर ने किया।

साहित्यिक चेतना को सुदृढ़ करने की पहल

काव्य वाटिका की सम्मान परंपरा रायगढ़ के साहित्यिक परिवेश को समृद्ध करने और साहित्यकारों की साधना को पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजन न केवल रचनाकारों के योगदान को सम्मान देते हैं, बल्कि साहित्यिक चेतना को सुदृढ़ करने, सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और समाज में सृजनशीलता के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

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