बस्तर से सरगुजा तक के समाज प्रमुखों और शिक्षाविदों ने लिया हिस्सा, शिक्षा प्रकोष्ठ के गठन सहित सामाजिक सुधार के 15 बिंदुओं पर हुई चर्चा
गिरौदपुरी। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के तत्वावधान में 10 एवं 11 अक्टूबर 2026 को सतनाम धर्मशाला, मड़वा गिरौदपुरी धाम में निःशुल्क आवासीय दो दिवसीय शिक्षा संगोष्ठी सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में शिक्षा के प्रसार, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, संगठन को मजबूत बनाने और समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
सांसद कमलेश जांगड़े के मुख्य आतिथ्य में हुआ शुभारंभ
प्रदेश प्रवक्ता (साहित्य) राकेश नारायण बंजारे के अनुसार, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रांताध्यक्ष एल.एल. कोसले के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में बस्तर से लेकर सरगुजा तक के समाज प्रमुखों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों ने सहभागिता की।
दो दिवसीय आयोजन में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और संगठनात्मक विकास को लेकर विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए। साथ ही समाज के भीतर सकारात्मक बदलाव लाने और नई पीढ़ी को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
शिक्षा प्रकोष्ठ का गठन, सामाजिक सुधार के 15 बिंदुओं पर मंथन
कार्यशाला के दौरान शिक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया गया। इसके साथ ही सामाजिक सुधार से जुड़े 15 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने शिक्षा के व्यापक प्रसार, सामाजिक कुरीतियों में सुधार, संगठनात्मक गतिविधियों के विस्तार तथा समाज की उभरती प्रतिभाओं को उचित अवसर और प्रोत्साहन देने पर जोर दिया।
संगोष्ठी में इस बात पर भी विचार किया गया कि समाज के शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास के लिए संगठित प्रयासों को किस प्रकार प्रभावी बनाया जाए, ताकि समाज के अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
‘सतनाम संदेश’ पत्रिका के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर
समाज की वैचारिक चेतना को मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही ‘सतनाम संदेश’ पत्रिका की सदस्यता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। पत्रिका के माध्यम से समाज के विचारों, साहित्यिक गतिविधियों और सकारात्मक पहलों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए सामूहिक संकल्प
दो दिवसीय शिक्षा संगोष्ठी सह प्रशिक्षण कार्यशाला में शिक्षा, सामाजिक सुधार, साहित्यिक गतिविधियों और संगठन विस्तार को लेकर सार्थक चर्चा हुई। आयोजन का उद्देश्य समाज में शैक्षणिक जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक कुरीतियों में सुधार लाने तथा संगठन को अधिक प्रभावी और सशक्त बनाने की दिशा में सामूहिक पहल को आगे बढ़ाना रहा।


