Starlink India: भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर छिड़ी बहस, कमल हासन ने ग्रामीण कनेक्टिविटी, सस्ते इंटरनेट और भारतनेट परियोजना की प्रगति का उठाया मुद्दा
Kamal Haasan Elon Musk Reply: भारत में स्टारलिंक (Starlink) की सेवाओं और लाइसेंस से जुड़े मुद्दे को लेकर अभिनेता एवं राजनेता कमल हासन ने एलन मस्क की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है। कमल हासन ने अपने पोस्ट में कहा कि भारत हो या अमेरिका, किसी भी लोकतांत्रिक देश की नीतियां कोई अरबपति निर्धारित नहीं कर सकता। उनके मुताबिक, नीतिगत फैसले राष्ट्रीय हित, नागरिकों की जरूरतों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए।
डिजिटल कनेक्टिविटी आम लोगों की पहुंच में रहे
कमल हासन ने भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के विस्तार के साथ उनकी किफायती उपलब्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलना चाहिए, लेकिन इसका लाभ दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों तक भी पहुंचना जरूरी है।
उन्होंने महंगे उपकरणों और अधिक मासिक शुल्क को डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार में संभावित बाधा बताया। उनके अनुसार, इंटरनेट सेवाओं का विकास इस तरह होना चाहिए कि आम परिवार भी उनका लाभ उठा सकें और डिजिटल असमानता को कम किया जा सके।
राष्ट्रीय सुरक्षा और टेलीकॉम नीतियों पर उठाया सवाल
कमल हासन ने दूरसंचार नेटवर्क और स्पेक्ट्रम को राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास और विदेशी कंपनियों को अवसर देने के साथ देश की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने अमेरिका की व्यापार एवं तकनीकी नीतियों का उल्लेख करते हुए चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाए गए टैरिफ और Huawei पर लगाए गए प्रतिबंधों का हवाला दिया। इन उदाहरणों के जरिए उन्होंने पश्चिमी देशों की नीतियों में दिखाई देने वाले अंतर पर सवाल उठाए।
भारतनेट परियोजना की प्रगति का भी किया जिक्र
कमल हासन ने भारतनेट परियोजना की प्रगति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2026 की ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि 39,888 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद सेवा के लिए तैयार ग्राम पंचायतों में से केवल 33.2 प्रतिशत ही संचालित थीं।
उन्होंने भारतीय दूरसंचार क्षेत्र की उपलब्धियों और किफायती मोबाइल डेटा सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल बुनियादी ढांचे का विस्तार इस तरह होना चाहिए, जिससे देश के दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विश्वसनीय इंटरनेट सुविधा पहुंच सके।
भारत में नीतिगत फैसले राष्ट्रीय हितों के आधार पर हों
कमल हासन ने अपने संदेश में भारत की स्वतंत्र लोकतांत्रिक व्यवस्था और नीतिगत स्वायत्तता पर जोर दिया। उनके अनुसार, तकनीक, विकास और आर्थिक नीतियों से जुड़े फैसले भारतीय नागरिकों की जरूरतों तथा देश के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए।
स्टारलिंक की सेवाओं को लेकर जारी इस बहस में सैटेलाइट इंटरनेट के विस्तार, प्रतिस्पर्धा, किफायती दरों और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए हैं।
