Chhattisgarh Tourism Development: छत्तीसगढ़ में पर्यटन स्थलों के विकास को गति देने के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को समय-सीमा में परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। चित्रकोट जलप्रपात को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने, 144 पर्यटन स्थलों के सर्वेक्षण के आधार पर 20 स्थानों पर सुविधाएं बढ़ाने और राम वनगमन पर्यटन परिपथ के 31 नए स्थलों पर दो माह के भीतर निर्माण प्रक्रिया शुरू करने पर जोर दिया गया है।
Chhattisgarh Ram Van Gaman Path: रायपुर। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व और पुरातत्व विभाग की योजनाओं तथा विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को महत्वाकांक्षी पर्यटन परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
चित्रकोट को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी तेज
मंत्री राजेश अग्रवाल ने बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं दो सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) और प्रेजेंटेशन तैयार कर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने को कहा।
इसके साथ ही सिरपुर पर्यटन विकास के लिए तैयार डीपीआर का प्रस्तुतीकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
144 पर्यटन स्थलों का सर्वेक्षण पूरा, 20 पर प्राथमिकता से विकसित होंगी सुविधाएं
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने प्रदेश के 144 पर्यटन स्थलों का गैप फिलिंग असेसमेंट पूरा कर लिया है। सर्वेक्षण के आधार पर प्राथमिकता वाले 20 स्थलों पर सार्वजनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं तेजी से विकसित की जाएंगी।
मंत्री ने इन सुविधाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय समितियों को देने अथवा सुलभ इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं का सहयोग लेने के निर्देश दिए।
राम वनगमन पर्यटन परिपथ के 31 नए स्थलों पर दो माह में शुरू होंगे काम
राम वनगमन पर्यटन परिपथ के तहत पहले विकसित स्थलों के अधूरे कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्मित पर्यटन इकाइयों, सार्वजनिक शौचालयों और कैफेटेरिया का संचालन स्थानीय समितियों को सौंपने पर भी जोर दिया गया।
नवीन चिह्नित 31 स्थलों पर विकास कार्यों के लिए डीपीआर, निविदा और एजेंसी चयन की प्रक्रियाएं दो माह के भीतर पूरी कर कार्यादेश जारी करने तथा निर्माण शुरू कराने को कहा गया। पहले चरण में चयनित 10 स्थलों के अलावा बस्तर के एक-दो महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करने और आवश्यक बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री ने माता कौशल्या धाम, चंदखुरी में प्रभु श्रीराम की नवीन प्रतिमा की स्थापना के लिए मंदिर समिति से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी करने को कहा।
रामलला दर्शन योजना के लिए वैकल्पिक ट्रेन संचालन की व्यवस्था
रामलला दर्शन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने श्रद्धालुओं की अयोध्या यात्रा को सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
आईआरसीटीसी की ओर से पेंट्री बोगी में तकनीकी समस्या के कारण ट्रेन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) के माध्यम से अलग एजेंसी चुनकर वैकल्पिक ट्रेन संचालन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
भोरमदेव कॉरिडोर की ऑनलाइन निगरानी, होमस्टे हितग्राहियों को मिलेगी सब्सिडी
मंत्री ने भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और तकनीकी निगरानी के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। संबंधित एजेंसियों को नियमानुसार समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
होमस्टे नीति के तहत चयनित हितग्राहियों को कैपिटल सब्सिडी जल्द उपलब्ध कराने और तीन चरणों में सहायता राशि वितरित करने की तैयारी करने के निर्देश दिए गए। जिन पर्यटन इकाइयों को तकनीकी कारणों से निजी संस्थाओं को लीज पर देना संभव नहीं है, उनका संचालन स्थानीय समितियों के माध्यम से कराने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा प्रत्येक पर्यटन इकाई में आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी दूरी दर्शाने वाले बड़े सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।
पर्यटन मार्गों पर विकसित होंगे सुविधा केंद्र
पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रमुख पर्यटन मार्गों पर वेसाइड एमेनिटीज विकसित की जाएंगी। इसके लिए जिला कलेक्टरों के साथ समन्वय कर भूमि चिह्नित करने और पर्यटन मंडल का लैंड बैंक तैयार करने के निर्देश दिए गए।
केंद्र और राज्य सरकार की निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं की तकनीकी निगरानी के लिए सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के माध्यम से इंजीनियरों की सेवाएं लेने पर भी सहमति दी गई।
बैठक में मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन, कुदरगढ़ रोप-वे, मंदिर परिसरों के तालाबों एवं झीलों के जीर्णोद्धार और मुख्यमंत्री की घोषणाओं से जुड़े लंबित कार्यों की समीक्षा की गई। मंत्री ने पर्यटन स्थलों को जोड़कर मिनी सर्किट विकसित करने तथा स्थानीय टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंटों के साथ कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
कलाकारों के लिए डिजिटल पोर्टल होंगे सुदृढ़
संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कलाकारों के पंजीयन के लिए संचालित चिन्हारी पोर्टल को अपडेट करने और कलाकार दलों के श्रेणी उन्नयन की प्रक्रिया में सुधार करने को कहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पारदर्शी आवंटन सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
विभिन्न सांस्कृतिक पीठों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने और उनका संचालन दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर जोर दिया गया।
पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण पर विशेष जोर
पुरातत्व विभाग की समीक्षा में सिरपुर के सुरंग टीला और नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अंबिकापुर जिला पुरातत्व संग्रहालय के उन्नयन और रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में ऐतिहासिक रियासतों से जुड़ी सामग्री को व्यवस्थित तरीके से प्रदर्शित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में युवा दर्शन योजना में खिलाड़ियों को शामिल करने तथा फिल्म सिटी और ट्राइबल कन्वेंशन सेंटर के कार्यों में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई।
स्थानीय रोजगार और सामुदायिक भागीदारी पर जोर
मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, लंबित मामलों


