Google Chrome Update: क्रोम में 247 सिक्योरिटी फिक्स, 4 गंभीर कमजोरियां; यूजर्स तुरंत चेक करें अपना ब्राउजर

Advertisement

Google Chrome Security Update: गूगल क्रोम यूजर्स के लिए ब्राउजर अपडेट करना जरूरी है। कंपनी के नए Chrome 155 अपडेट में 247 सिक्योरिटी फिक्स दिए जाने का दावा किया गया है। इनमें चार क्रिटिकल और 53 हाई-लेवल की कमजोरियां शामिल हैं। यह अपडेट Windows, macOS और Linux यूजर्स के लिए जारी किया जाना है।

Google Chrome Update: गूगल ने अपने वेब ब्राउजर Chrome के नए वर्जन 155 को लेकर सुरक्षा अपडेट जारी किया है। इसमें कई ऐसी कमजोरियों को ठीक किया गया है, जिनका फायदा उठाकर साइबर हमलावर सिस्टम की सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अपडेट में चार क्रिटिकल स्तर की कमजोरियां शामिल हैं। ऐसे में यूजर्स के लिए ब्राउजर का लेटेस्ट उपलब्ध सिक्योरिटी वर्जन इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण है।

चार क्रिटिकल कमजोरियां क्या हैं?

रिपोर्ट के अनुसार, चारों क्रिटिकल कमजोरियां Use-After-Free श्रेणी की हैं। यह एक प्रकार की मेमोरी सुरक्षा खामी है, जिसमें सॉफ्टवेयर किसी मेमोरी को रिलीज किए जाने के बाद भी उसका इस्तेमाल करने की कोशिश करता है। ऐसी स्थिति में ब्राउजर क्रैश होने या कुछ परिस्थितियों में मनमाना कोड चलाए जाने का खतरा पैदा हो सकता है।

रिपोर्ट में इन कमजोरियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:

  • CVE-2026-106382: ChromeCast से संबंधित।
  • CVE-2026-106197: ब्राउजर से संबंधित।
  • CVE-2026-106358: नेविगेशन से संबंधित।
  • CVE-2026-106347: ट्रैक से संबंधित।

रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल ने पहली कमजोरी की पहचान की, जबकि बाकी तीन के बारे में रिसर्चर Xinyang Ge ने जानकारी दी। इनमें से दो कमजोरियों की पहचान में Claude की मदद लिए जाने का भी उल्लेख है।

गूगल के अनुसार, रिपोर्ट किए जाने के समय इन कमजोरियों के सक्रिय साइबर हमलों में इस्तेमाल होने की जानकारी नहीं थी।

इस साल क्रोम पर हुए कई साइबर हमले

ब्राउजर की कमजोरियां साइबर सुरक्षा के लिहाज से लगातार चुनौती बनी हुई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सितंबर 2026 में गूगल ने CVE-2026-85046 नामक V8 इंजन की कमजोरी को ठीक किया था, जिसका हमलावर पहले से फायदा उठा रहे थे।

इसके कुछ दिन बाद एक और सक्रिय रूप से इस्तेमाल की जा रही कमजोरी सामने आने की जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, इससे इस साल क्रोम में सामने आई जीरो-डे कमजोरियों की संख्या सात तक पहुंच गई थी।

एक अन्य साइबर अभियान में चार जासूसी समूहों द्वारा BlueMoon एक्सप्लॉइट किट का इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख है। इसमें Chrome और Windows की जीरो-डे कमजोरियों को जोड़कर अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया के संगठनों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।

Google Chrome अपडेट कैसे करें?

क्रोम आमतौर पर बैकग्राउंड में अपडेट डाउनलोड कर लेता है। हालांकि, अपडेट लागू करने के लिए ब्राउजर को दोबारा शुरू करना पड़ सकता है।

अपडेट चेक करने के लिए ये स्टेप अपनाएं:

  1. अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में Google Chrome खोलें।
  2. ऊपर दाईं ओर तीन डॉट वाले मेन्यू पर क्लिक करें।
  3. Help विकल्प पर जाएं।
  4. About Google Chrome पर क्लिक करें।
  5. ब्राउजर को उपलब्ध अपडेट चेक करने दें।
  6. अपडेट इंस्टॉल होने के बाद जरूरत पड़ने पर Relaunch पर क्लिक करें।

रिपोर्ट में Windows और macOS के लिए 155.0.8059.39/.40 तथा Linux के लिए 155.0.8059.39 वर्जन का उल्लेख किया गया है। आपके डिवाइस पर उपलब्ध नवीनतम वर्जन की पुष्टि Chrome के आधिकारिक अपडेट पेज से करना उचित होगा।

ऑफिस और कंपनियों के यूजर्स भी रखें ध्यान

जिन संगठनों में बड़ी संख्या में कंप्यूटर इस्तेमाल किए जाते हैं, वहां आईटी टीम को सभी मैनेज्ड Windows, macOS और Linux डिवाइस पर क्रोम के वर्जन की जांच करनी चाहिए। पुराने वर्जन वाले सिस्टम की पहचान कर अपडेट लागू करना और यूजर्स को ब्राउजर रीस्टार्ट करने के लिए कहना जरूरी है।

इसके साथ ही, कंपनी की अपडेट पॉलिसी की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि कोई सेटिंग अनजाने में नए सुरक्षा अपडेट को रोक न रही हो।

ब्राउजर अपडेट करना क्यों जरूरी है?

ब्राउजर का इस्तेमाल ईमेल, ऑनलाइन बैंकिंग, ऑफिस के काम और विभिन्न वेबसाइटों तक पहुंचने के लिए किया जाता है। पुराना ब्राउजर इस्तेमाल करने से ऐसी सुरक्षा कमजोरियां बनी रह सकती हैं, जिन्हें नए अपडेट में ठीक किया गया हो।

इसलिए अपने ब्राउजर को नियमित रूप से अपडेट रखें और अनजान वेबसाइटों, संदिग्ध लिंक तथा अविश्वसनीय फाइलों से सावधान रहें। ध्यान दें कि किसी अपडेट में कमजोरियों की संख्या अधिक होने का मतलब यह नहीं है कि हर यूजर पर हमला हो चुका है। अपडेट का उद्देश्य सुरक्षा खामियों को दूर करके संभावित जोखिम कम करना है।

Share This Article