महतारी वंदन योजना की राशि बचाकर खरीदीं दो मशीनें, आज सिलाई के जरिए परिवार की आय में कर रहीं सहयोग
रायगढ़, 2 अक्टूबर 2026। कभी परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरों के खेतों में मजदूरी करने वाली आशा लता ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग अपनी आजीविका खड़ी करने में किया। योजना से मिलने वाली राशि को नियमित रूप से बचाकर उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और धीरे-धीरे अपने काम को आगे बढ़ाते हुए टेलरिंग व्यवसाय शुरू किया।
आर्थिक जरूरतों के लिए करती थीं खेतों में काम
धरमजयगढ़ तहसील के ग्राम सागरपुर की रहने वाली आशा लता ने बताया कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य नहीं थी। पति मजदूरी करते थे और वह स्वयं भी खेतों में मजदूरी कर घर की जरूरतों में सहयोग करती थीं।
इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें महतारी वंदन योजना की जानकारी मिली। योजना में आवेदन के बाद उन्हें हर महीने एक हजार रुपये की राशि मिलने लगी।
बचत से खरीदी पहली सिलाई मशीन
आशा लता ने योजना से मिलने वाली राशि को खर्च करने के बजाय धीरे-धीरे बचाना शुरू किया। बचत की रकम से उन्होंने सबसे पहले एक सिलाई मशीन खरीदी और घर से सिलाई का काम शुरू किया।
इसके बाद भी उन्होंने योजना की राशि की बचत जारी रखी। सिलाई से होने वाली आय के साथ बचत करते हुए उन्होंने दूसरी सिलाई मशीन भी खरीदी। काम बढ़ने के बाद उन्होंने अपनी छोटी सी टेलरिंग दुकान शुरू कर ली।
सिलाई बनी आय का जरिया
आज आशा लता सिलाई का काम कर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहयोग कर रही हैं। उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें अपनी आजीविका शुरू करने का अवसर दिया।
योजना की राशि को बचत और व्यवसाय में लगाकर उन्होंने धीरे-धीरे अपने काम का विस्तार किया। उनके अनुसार इस बदलाव में योजना से मिला सहयोग और उनकी स्वयं की मेहनत दोनों की भूमिका रही।
आशा लता ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।


