कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को गैंग के नाम पर धमकी देने का आरोप, जमानत के बाद दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति
रायपुर। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में आरोपी शोएब ढेबर की तलाश में पुलिस ने कई ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस टीमों ने आरोपी के संभावित ठिकानों के साथ उसके रिश्तेदारों के निवास पर भी जांच-पड़ताल की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
मामले में अदालत से शोएब ढेबर की दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, पहले उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, जहां उसे जमानत मिल गई थी। इसके बाद पुलिस ने पुनः गिरफ्तारी की अनुमति के लिए अदालत का रुख किया था।
चार पुलिस टीमों को तलाश की जिम्मेदारी
पुलिस ने शोएब ढेबर की तलाश के लिए चार टीमें गठित की हैं। इनमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ थाना स्तर के पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस की कुछ टीमें शहर से बाहर संभावित ठिकानों की तलाश कर रही हैं, जबकि अन्य टीमें शहर के भीतर आरोपी के मकान और रिश्तेदारों के यहां जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी का मोबाइल फोन बंद है और फिलहाल उसकी लोकेशन का पता नहीं चल पाया है।
गैंग के नाम पर 25 करोड़ मांगने का आरोप
पुलिस के अनुसार कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग के नाम पर धमकी दी गई थी। धमकी के जरिए 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने की बात सामने आई है। मामले में विदेशी नंबर, मोबाइल उपकरण और इंटरनेट कॉल से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की गई है।
जांच के दौरान जांजगीर-चांपा के एक युवक की भूमिका सामने आने के बाद पूछताछ की गई थी। पुलिस का दावा है कि इसी जांच के दौरान शोएब ढेबर का नाम सामने आया। उसके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में इंटरनेट कॉल के लिए हॉटस्पॉट उपलब्ध कराने की भूमिका की भी जांच की गई है।
जमानत के बाद पुलिस ने दोबारा गिरफ्तारी की मांग की
शोएब ढेबर को पहले गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, जहां उसे जमानत मिली। इसके बाद पुलिस ने जांच पूरी नहीं होने और पूछताछ की आवश्यकता का हवाला देते हुए दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मांगी।
अदालत ने पुलिस की ओर से प्रस्तुत आधारों पर विचार करने के बाद पुनः गिरफ्तारी की अनुमति दे दी। अब पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे पूछताछ की जाएगी।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आनंद कुकरेजा को धमकी देने और कथित रंगदारी मांगने की पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही धमकी के लिए गैंग के नाम का इस्तेमाल कैसे किया गया और आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।
फिलहाल शोएब ढेबर की गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले में उसकी भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम और कथित नेटवर्क की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।


