चिंगराजपारा में आयोजित जिला स्तरीय स्वास्थ्य मेले में विभिन्न रोगों की जांच के साथ शुगर, बीपी, आंख और सिकलिंग की भी हुई जांच
बिलासपुर, 24 सितंबर। ग्यारहवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत आयुष विभाग, बिलासपुर द्वारा चिंगराजपारा में जिला स्तरीय निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में 973 नागरिकों को आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। इस दौरान विभिन्न रोगों की जांच और उपचार के साथ शुगर, बीपी, आंख तथा सिकलिंग सहित अन्य स्वास्थ्य जांच भी की गई।

विभिन्न रोगों की हुई जांच
स्वास्थ्य मेले में सर्दी-खांसी के 236, चर्म रोग के 143, एब्डोमिनल बीमारी के 259, दर्द संबंधी समस्या के 240, दंत रोग के 52 और आंखों की जांच 42 लोगों की गई।
इसके अलावा 26 लोगों की सिकलिंग, 79 की शुगर और 85 लोगों की बीपी जांच की गई।
कलेक्टर ने किया स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ
आयुष स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भगवान धन्वंतरि के तैलचित्र पर माल्यार्पण और पूजा-अर्चना कर किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, वार्ड पार्षद रेखा सूर्यवंशी और रानी शैलेश देवांगन भी उपस्थित रहीं।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशपाल सिंह ध्रुव ने आयुष विभाग एवं आयुष्मान भारत के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी दी।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आयुष विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने तथा प्रभावी एवं सार्थक चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से लोगों को आयुष चिकित्सा पद्धति से जोड़ने पर जोर दिया।
पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मिलेट्स के उपयोग को बढ़ावा देने और उन्हें आम लोगों तक पहुंचाने के लिए तुलसी मिलेट्स के संचालक लक्ष्मीनारायण अग्रवाल को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
वहीं पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान के लिए परंपरागत वैद्य डॉ. अशोक शिरोडे और डॉ. मनीषा शिरोडे का भी शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया।
बड़ी संख्या में नागरिकों ने लिया लाभ
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल कुमार सोनी ने किया। आयुष स्वास्थ्य मेले में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे और उन्होंने निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
