30 सितंबर से नई दिल्ली में होगी शुरुआत, बीएसएफ से हटाए गए 400 ट्रेड्समैन की सेवा बहाली सहित अर्धसैनिक बलों से जुड़े मुद्दे उठाने की तैयारी
नई दिल्ली। अलॉइंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से अर्धसैनिक बलों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, सीएपीएफ कैडर अधिकारियों को ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ‘ए’ सर्विस (OGAS) का दर्जा देने, अर्धसैनिक कल्याण बोर्डों के गठन और सीजीएचएस डिस्पेंसरियों के विस्तार जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।
कई शहरों में आयोजित होंगी प्रेस कॉन्फ्रेंस
एसोसिएशन के अनुसार उत्तर भारत के जोधपुर, जालंधर, जम्मू, शिमला, चंडीगढ़ और देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। अभियान की शुरुआत 30 सितंबर को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली से होगी।
400 बीएसएफ ट्रेड्समैन की सेवा बहाली का मुद्दा प्रमुख
नई दिल्ली में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीएसएफ की सेवा से हटाए गए 400 ट्रेड्समैन की पुनः सेवा बहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। एसोसिएशन का कहना है कि नियुक्ति के समय साइबर ठगी का शिकार हुए इन कर्मचारियों को सेवा से हटाए जाने के बाद उनके परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री से इन जवानों की सेवा बहाल कर उन्हें फिर से सीमा पर तैनात करने की मांग की है।
ओजीएएस दर्जे को लेकर सरकार के फैसले पर जताई नाराजगी
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सीएपीएफ के कैडर अधिकारियों के लिए ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप ‘ए’ सर्विस के दर्जे का मुद्दा सामने आया, लेकिन सरकार द्वारा सीएपीएफ जनरल एडमिनिस्ट्रेशन बिल 2026 संसद में पारित किए जाने से अर्धसैनिक बलों के परिवारों में नाराजगी है। एसोसिएशन ने इस कानून को “काला कानून” बताया है।
विधानसभा चुनावों में अर्धसैनिक परिवारों की भूमिका का दावा
अलायंस के अध्यक्ष एवं पूर्व एडीजी एचआर सिंह ने कहा कि वर्ष 2027 में पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में अर्धसैनिक बलों के जवान और उनके परिवार निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में बड़ी संख्या में परिवारों के सदस्य सेना और अर्धसैनिक बलों में कार्यरत हैं।
प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं होने का आरोप
महासचिव रणबीर सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में अर्धसैनिक बलों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को सैकड़ों ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन पूर्व अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधिमंडल को प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।
उन्होंने पेंशन, पदोन्नति और पुनर्वास सहित विभिन्न मांगों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की।
12 से 18 नवंबर तक जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल
एसोसिएशन के अनुसार उत्तर भारत में आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य अर्धसैनिक बलों के परिवारों को उनके अधिकारों के लिए आगे आने के लिए जागरूक करना है। इसके साथ ही 12 नवंबर से 18 नवंबर तक जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सांकेतिक भूख हड़ताल में अर्धसैनिक परिवारों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया जाएगा।
रणबीर सिंह
महासचिव, अलॉइंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन
