खसरा नंबर 12/20 की 16 अप्रैल 2026 की रजिस्ट्री को लेकर विवाद; जोहरी बाई और बेलपतिया बाई उर्फ जोहरी बाई केवट की पहचान को लेकर उठे सवाल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही तहसील के ग्राम करहनी स्थित खसरा नंबर 12/20 की भूमि से जुड़ा विवाद अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया के साथ-साथ राजस्व अभिलेखों में दर्ज खातेदार की पहचान को लेकर भी चर्चा में है। मामले में सामने आए दावों के अनुसार, पुराने दस्तावेजों में भूमि की खातेदार के रूप में जोहरी बाई का नाम दर्ज है, जबकि 16 अप्रैल 2026 को इसी भूमि की रजिस्ट्री AVINASH ENERGY PRIVATE LIMITED, रायपुर के पक्ष में किए जाने के दौरान ‘बेलपतिया बाई उर्फ जोहरी बाई केवट’ नाम सामने आया।
मामले को लेकर जनसंपर्क विभाग की ओर से पूर्व में संबंधित खबर का खंडन करते हुए रजिस्ट्री को सही बताया गया है। इसके बावजूद उपलब्ध दस्तावेजों में नाम और पहचान से जुड़े सवाल उठाए जा रहे हैं।
जोहरी बाई और बेलपतिया बाई की पहचान एक होने का आधार क्या?
विवाद का प्रमुख बिंदु यह है कि पुराने राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज जोहरी बाई और बाद की रजिस्ट्री प्रक्रिया में सामने आई




