ऑपरेशन क्लीन हंट: चेक बाउंस के 15 मामलों के स्थायी वारंटी को झारसुगुड़ा से दबोचा

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कोतवाली पुलिस ने बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर सरोज कुमार बेहरा को पकड़ा, न्यायालय ने भेजा जेल

रायगढ़, 12 सितंबर। फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत रायगढ़ कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेक बाउंस से जुड़े 15 अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटी सरोज कुमार बेहरा को ओडिशा के झारसुगुड़ा से गिरफ्तार किया है। आरोपी को रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

15 मामलों में जारी था स्थायी वारंट

पुलिस के अनुसार सरोज कुमार बेहरा, पिता सुनील बेहरा, निवासी सागरपाली, थाना रेंगाली, तहसील लखनपुर, जिला झारसुगुड़ा (ओडिशा) के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायगढ़ की अदालत में चेक बाउंस से संबंधित 15 शिकायतें लंबित थीं।

इन मामलों में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत कार्रवाई चल रही थी। अदालत की ओर से आरोपी की उपस्थिति के लिए पहले समंस और फिर गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। इसके बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं होने पर उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए थे।

झारसुगुड़ा में होने की मिली सूचना

कोतवाली पुलिस ने स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान के तहत आरोपियों की जानकारी जुटाई। इसी दौरान पुलिस को सरोज बेहरा के झारसुगुड़ा क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम झारसुगुड़ा पहुंची और बस स्टैंड के आसपास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे रायगढ़ लाया गया और न्यायालय में पेश किया गया।

वाहन की किस्तों के लिए चेक जारी करने का आरोप

पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों से वाहन फाइनेंस कराता था। वाहन की किस्तों के भुगतान के लिए वह चेक जारी करता था।

पुलिस का कहना है कि बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने की जानकारी होने के बावजूद चेक जारी किए जाते रहे। चेक बाउंस होने के बाद संबंधित पक्षों ने अदालत में शिकायतें दर्ज कराईं। न्यायालय की प्रक्रिया के बावजूद उपस्थित नहीं होने पर आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी हुए।

चोरी के मामले में भी स्थायी वारंटी गिरफ्तार

इसी अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने चोरी के एक मामले में फरार चल रहे स्थायी वारंटी हेमंत दास महंत, पिता अशोक दास महंत, निवासी जेलपारा धरमजयगढ़, वर्तमान पता छोटे अतरमुड़ा, थाना चक्रधरनगर को भी गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार हेमंत के खिलाफ दो स्थायी वारंट लंबित थे। लगातार पतासाजी के बाद उसे धरमजयगढ़ से गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे भी जेल भेज दिया गया।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

दोनों स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी, प्रधान आरक्षक हेमंत चंद्रा, आरक्षक कमलेश यादव और आरक्षक प्रताप बेहरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस के मुताबिक “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत जिले में लंबे समय से फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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