डीसीएस गिरदावरी सर्वे में लापरवाही नहीं चलेगी, कलेक्टर ने समय-सीमा में त्रुटिरहित कार्य के दिए निर्देश

अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

बिल्हा और बोदरी क्षेत्र में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने किया मैदानी निरीक्षण, अब तक 3.72 लाख से अधिक प्लॉट का सर्वे पूरा

बिलासपुर, 10 सितंबर 2026। जिले में चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) गिरदावरी कार्य की जमीनी स्थिति देखने कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विभिन्न गांवों का दौरा किया। उन्होंने बिल्हा तहसील के निपनिया और धौराभाटा तथा बोदरी तहसील के बोदरी में पहुंचकर प्राइवेट सर्वेयरों द्वारा किए जा रहे सर्वे का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अपर कलेक्टर शिव कुमार बनर्जी भी मौजूद रहे।

सर्वे की प्रक्रिया और सत्यापन की ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सर्वे की प्रगति, दर्ज की जा रही फसल संबंधी जानकारी और मौके पर किए जा रहे भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया को समझा। उन्होंने अधिकारियों एवं सर्वेयरों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत प्लॉटों का सर्वे पूरा किया जाए और किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे।

कलेक्टर ने कहा कि सर्वे किए गए प्लॉटों का अप्रूवल भी समय पर पूरा होना चाहिए। उन्होंने कार्य में गुणवत्ता और आंकड़ों की शुद्धता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसानों और खातेदारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

5.85 लाख प्लॉट का होना है सर्वे

जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे गिरदावरी का काम 17 अगस्त से शुरू हुआ था। जिले में कुल 5,85,228 प्लॉट का सर्वे किया जाना है। अब तक 3,72,882 प्लॉट, यानी लगभग 64 प्रतिशत प्लॉटों का सर्वे पूरा किया जा चुका है।

सर्वे कार्य की पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि 30 सितंबर थी, जिसे शासन द्वारा एक सप्ताह आगे बढ़ाया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों और सर्वेयरों को शेष कार्य में तेजी लाकर विस्तारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

किसानों को भविष्य में न हो परेशानी

कलेक्टर ने सर्वे के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया कि दर्ज की जा रही जानकारी में शुद्धता हो। उन्होंने कहा कि डिजिटल गिरदावरी में किसी तरह की गलती किसानों और खातेदारों के लिए आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए सर्वे और अप्रूवल दोनों स्तरों पर सावधानी बरतने की जरूरत है।

ग्रामीणों से योजनाओं के लाभ की भी ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए पूछा कि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ किस प्रकार मिल रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए और ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए।

अधिकारी और सर्वेयर रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, हल्का पटवारी, प्राइवेट सर्वेयर, संबंधित खातेदार एवं ग्रामवासी मौजूद रहे।

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