हर महीने मिलने वाले ₹1,000 की पेंशन को लेकर उठे सवाल, शिकायत जानने पहुंचे तो कार्यालय बंद मिला; बुजुर्ग महिला ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
सुंदरगढ़। सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन बुजुर्गों के लिए आर्थिक सहारा होती है। लेकिन सुंदरगढ़ जिले के नुआगांव प्रखंड अंतर्गत उरमेई ग्राम पंचायत की 72 वर्षीय बिरसी ओराम पिछले चार महीने से वृद्धावस्था भत्ता नहीं मिलने की शिकायत कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे पहले भी लगातार तीन महीने तक भत्ता नहीं मिला था।
तीन महीने बाद मिला सिर्फ दो महीने का भुगतान
बिरसी ओराम के मुताबिक, उन्हें पहले भी तीन महीने तक वृद्धावस्था भत्ता नहीं मिला था। इसके बाद जब भुगतान हुआ तो तीन महीने का बकाया मिलने के बजाय केवल दो महीने की राशि ही मिली। अब पिछले चार महीने से फिर उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला है। ऐसे में उनके अनुसार हर महीने मिलने वाले ₹1,000 की राशि को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
चार महीने की पेंशन का क्या हुआ?
बिरसी ओराम का कहना है कि लगातार चार महीने से उन्हें भत्ता नहीं मिला है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी पेंशन क्यों रोकी गई और भुगतान में देरी की वजह क्या है? यदि राशि स्वीकृत है तो उसका भुगतान क्यों नहीं हुआ और यदि किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से भुगतान रुका है, तो इसकी जानकारी हितग्राही को क्यों नहीं दी गई?
जानकारी लेने पंचायत कार्यालय पहुंचे, लेकिन लगा था ताला
इसी मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए सोमवार को करीब दोपहर 3 बजे उरमेई ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचकर जानकारी लेने का प्रयास किया गया। लेकिन मौके पर पंचायत कार्यालय में ताला लगा हुआ मिला। ऐसे में पेंशन भुगतान को लेकर संबंधित अधिकारी या पंचायत प्रतिनिधियों से तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी।
सरकारी रिकॉर्ड में उरमेई ग्राम पंचायत नुआगांव ब्लॉक में दर्ज
सुंदरगढ़ जिला प्रशासन के उपलब्ध रिकॉर्ड में उरमेई ग्राम पंचायत नुआगांव ब्लॉक के अंतर्गत दर्ज है। सरकारी सूची में उरमेई को नुआगांव ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में शामिल किया गया है।
अब जिम्मेदारों के जवाब का इंतजार
72 वर्षीय बिरसी ओराम की शिकायत के बाद अब सवाल यह है कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन लगातार चार महीने से क्यों नहीं मिली? पूर्व में तीन महीने का भुगतान लंबित रहने के बाद केवल दो महीने की राशि मिलने की स्थिति की भी जांच जरूरी है। संबंधित पंचायत और विभागीय अधिकारियों से इस मामले में स्पष्ट जानकारी सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।


