अभिषेक कुमार पाण्डेय@रायपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को अपना 16वां मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। राजभवन स्थित ‘छत्तीसगढ़ मण्डपम्’ में आयोजित गरिमामय समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने न्यायमूर्ति कृष्न राम महापात्र (Krushna Ram Mohapatra) को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल ने उन्हें राष्ट्रपति द्वारा जारी मूल वारंट सौंपा और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्य सचिव विकास शील ने राष्ट्रपति के वारंट का वाचन कर समारोह का औपचारिक संचालन किया।
समारोह में सत्तापक्ष और विपक्ष के दिग्गज रहे मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में राज्य के शीर्ष राजनेता और प्रशासनिक अधिकारी साक्षी बने। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल रहे:
* कार्यपालिका व जनप्रतिनिधि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्री गजेंद्र यादव व श्याम बिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी और अनुज शर्मा।

* न्यायिक व प्रशासनिक जगत: मुख्य न्यायाधीश की धर्मपत्नी श्रीमती अनिता महापात्र, हाईकोर्ट के न्यायाधीशगण, महाधिवक्ता विवेक शर्मा, रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव, एसीएस सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव (गृह) निहारिका बारिक, डीजीपी अरूण देव गौतम और राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना।
परिचय: 26 वर्षों का वकालत अनुभव और लंबा न्यायिक सफर
दिवंगत न्यायमूर्ति शरत चंद्र महापात्र के सुपुत्र न्यायमूर्ति के.आर. महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ। बीए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 7 फरवरी 1988 को उड़ीसा स्टेट बार काउंसिल में बतौर अधिवक्ता पंजीयन कराया।
* वकालत का दायरा: लगभग 26 वर्षों की सक्रिय वकालत के दौरान उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, सर्विस और संवैधानिक मामलों के साथ-साथ पारिवारिक व बाल संरक्षण कानूनों (गार्डियनशिप, एडॉप्शन, मेंटेनेंस और जुवेनाइल जस्टिस) में विशेषज्ञता हासिल की।
* प्रमुख दायित्व: वे ओडिशा सरकार और ओडिशा लोक सेवा आयोग (OPSC) के एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल रहे। इसके अतिरिक्त एनआईओएस (NIOS), नीलाचल इस्पात निगम, बैंक ऑफ बड़ौदा और क्योंझर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक जैसी संस्थाओं के लिए भी उन्होंने विधिक पैरवी की।
* न्यायिक नियुक्ति: कानून के विभिन्न क्षेत्रों में उनके अनुभव को देखते हुए 17 अप्रैल 2015 को उन्हें उड़ीसा हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। अब वे स्थानांतरित होकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का दायित्व संभालेंगे।


