‘विकास’ के नाम पर कीचड़ का दलदल! चेरा में PMGSY सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान

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मिट्टी डालकर छोड़ा काम, बारिश में सड़क बनी दलदल; खेतों में पहुंच रहा मलबा

बलरामपुर-रामानुजगंज/चेरा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा देने के उद्देश्य से बनाई जा रही सड़क की मौजूदा स्थिति ने निर्माण कार्य और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत चेरा में सड़क पर बारिश के बाद जगह-जगह कीचड़ और गहरे गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का काम अधूरा छोड़ दिए जाने से आवागमन मुश्किल हो गया है।

मई-जून में मिट्टी का काम, बारिश में खुली पोल

ग्रामीणों के अनुसार मई-जून के दौरान सड़क पर मिट्टी डाली गई थी, लेकिन इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया अपेक्षित तरीके से आगे नहीं बढ़ी। पर्याप्त मुरुम, रोलिंग और अन्य जरूरी कार्य नहीं होने के कारण बारिश शुरू होते ही सड़क की स्थिति खराब हो गई।

भारी वाहनों की आवाजाही से कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। कीचड़ और पानी के कारण दोपहिया वाहनों के साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क की मिट्टी खेतों में पहुंचने से किसान चिंतित

सड़क किनारे मौजूद खेतों में मिट्टी और कीचड़ पहुंचने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के पानी के साथ सड़क की मिट्टी बहकर कृषि भूमि में जमा हो रही है। इससे खेतों और फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों के मुताबिक, समय रहते सड़क का बेस मजबूत किया जाता और जल निकासी की उचित व्यवस्था होती तो वर्तमान स्थिति से बचा जा सकता था।

करीब 350 परिवारों की आवाजाही प्रभावित होने का दावा

स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति का असर चेरा के बड़ी संख्या में परिवारों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मरीजों को अस्पताल ले जाने, बच्चों के स्कूल जाने और रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है।

बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को सड़क की तत्काल मरम्मत और आवागमन बहाल करने की जरूरत महसूस हो रही है।

मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सड़क की स्थिति पर उठे सवाल

रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम करते हैं। ऐसे में उनके विधानसभा क्षेत्र के गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे कार्य की स्थिति को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग सड़क निर्माण की मौके पर जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि निर्माण कार्य किन तकनीकी मानकों के तहत किया जा रहा है।

निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल

सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होती है। ऐसे में ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि निर्माण के दौरान मौके पर तकनीकी निरीक्षण कितनी बार किया गया और अब तक हुए कार्य की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई।

यदि निर्माण में तकनीकी खामियां पाई जाती हैं तो जिम्मेदार एजेंसी और संबंधित अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।

पुराने ऑडिट मामले का हवाला देकर ग्रामीणों ने मांगी पारदर्शिता

स्थानीय स्तर पर पूर्व के एक सड़क निर्माण से जुड़े CAG ऑडिट प्रकरण का भी हवाला दिया जा रहा है, जिसमें फुलीडुमर-चेरा-सलवाही मार्ग के मिट्टी कार्य से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। हालांकि वह पुराना और अलग मामला है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान निर्माण कार्य में भी पारदर्शिता और तकनीकी निगरानी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

ग्रामीणों की छह प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने प्रशासन और PMGSY विभाग से सड़क निर्माण को लेकर कई मांगें रखी हैं। इनमें निर्माण पैकेज, स्वीकृत राशि और कार्यादेश की जानकारी सार्वजनिक करना, ठेकेदार और निर्माण एजेंसी का विवरण मौके पर प्रदर्शित करना, अब तक किए गए भुगतान और माप पुस्तिका की जांच, गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट सार्वजनिक करना तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच शामिल है।

इसके साथ ही बारिश के दौरान तत्काल अस्थायी रूप से गिट्टी-मुरुम डालकर आवागमन बहाल करने और किसानों की फसल को हुए संभावित नुकसान का आकलन कराने की मांग की गई है।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

चेरा की सड़क को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। यदि सड़क निर्माण में तकनीकी या गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आती हैं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई के साथ सड़क को मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराने की जरूरत होगी।

ग्रामीणों का कहना है कि विकास का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा, जब सड़क कागजों से निकलकर जमीन पर भी मजबूत और सुरक्षित दिखाई दे।

रिपोर्टर: अभिषेक कुमार पाण्डेय

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