शाम 6 से रात 12 बजे तक बिलासपुर की सड़कों पर ‘डेंजर टाइम’, 8 महीने में 2687 नशेड़ी चालक पकड़े गए

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1694 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित, शराब पीकर ड्राइविंग और तेज रफ्तार पर यातायात पुलिस की सख्ती

बिलासपुर। शहर में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस ने अपनी कार्रवाई का दायरा और सख्त कर दिया है। दुर्घटनाओं की समीक्षा में सामने आया है कि शाम 6 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक का समय सड़क हादसों के लिहाज से सबसे संवेदनशील है। इसी अवधि को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

पिछले 8 महीनों में शराब के नशे में वाहन चलाने वाले 2,687 चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय भेजा गया। वहीं नियमों की गंभीर या बार-बार अनदेखी करने वाले 1,694 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए गए हैं।

आंकड़ों में पुलिस की कार्रवाई

कार्रवाई विवरण शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई 2,687 निलंबित/निरस्त ड्राइविंग लाइसेंस 1,694 सबसे संवेदनशील समय शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक निगरानी व्यवस्था ITMS कैमरे और सड़क पर विशेष जांच

शाम होते ही प्रमुख मार्गों पर बढ़ेगा पहरा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के मार्गदर्शन में शहर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील ब्लैक स्पॉट पर शाम के समय विशेष चेकिंग शुरू की गई है। पुलिस टीमों द्वारा स्टॉपर्स लगाकर वाहनों की जांच की जा रही है।

दुर्घटना समीक्षा में तेज रफ्तार और शराब के नशे में वाहन चलाना हादसों के प्रमुख कारणों में सामने आया है। इसके अलावा हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने से भी दुर्घटनाओं में गंभीर परिणाम सामने आते हैं।

इन यातायात उल्लंघनों पर लाइसेंस कार्रवाई

पुलिस मुख्यालय के प्रावधानों के तहत गंभीर यातायात नियमों के उल्लंघन पर केवल जुर्माना भरना पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • शराब या मादक पदार्थ का सेवन कर वाहन चलाना
  • वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल
  • रेड लाइट का उल्लंघन
  • रॉन्ग साइड वाहन चलाना
  • निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाना
  • खतरनाक तरीके से वाहन चलाना और स्टंट करना
  • मालवाहक वाहनों में नियम विरुद्ध यात्रियों को बैठाना
  • मॉडिफाइड साइलेंसर का अवैध इस्तेमाल
  • प्रेशर हॉर्न और हूटर का नियम विरुद्ध उपयोग

ITMS कैमरों की नजर से बचना मुश्किल

सड़क पर तैनात पुलिस जवानों के साथ शहर में लगे इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के कैमरे भी यातायात नियमों की निगरानी कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन कैमरे में दर्ज होने पर ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है।

बिना हेलमेट वाहन चलाने, एक बाइक पर तीन सवारी बैठाने और सिग्नल तोड़ने जैसे मामलों में भी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।

स्टंटबाजी और नशे में ड्राइविंग पर सख्त चेतावनी

यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से नियमों का पालन करने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि सड़क पर हुड़दंग, खतरनाक स्टंट, मॉडिफाइड साइलेंसर से तेज आवाज करना या शराब के नशे में वाहन चलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि वाहन चालकों की जिम्मेदारी और यातायात नियमों के पालन से सुनिश्चित होगी। शाम से मध्यरात्रि तक विशेष निगरानी का उद्देश्य हादसों को रोकना और लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

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