स्थानीय रोजगार, खिलाड़ियों के भविष्य और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नवनिर्माण संकल्प समिति ने किया चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
रायगढ़। स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार, सम्मानजनक भविष्य तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर रायगढ़ में अब आंदोलन की शुरुआत होने जा रही है। नवनिर्माण संकल्प समिति ने इन मांगों को लेकर चरणबद्ध जनआंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन के पहले चरण में राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त को सुबह 9 बजे गांधी प्रतिमा, एसपी कार्यालय के सामने एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित की जाएगी।
समिति के कार्यक्रम संयोजक रामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में होने वाले इस कार्यक्रम में जिले के खिलाड़ियों, युवाओं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों से सहभागिता की अपील की गई है। समिति का कहना है कि आंदोलन किसी व्यक्ति, संस्था या राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार, अधिकार और भविष्य से जुड़े सवालों को सामने रखने के लिए किया जा रहा है।
उद्योग रायगढ़ में, फिर स्थानीय युवाओं को रोजगार क्यों नहीं?
समिति ने रायगढ़ में तेजी से बढ़ी औद्योगिक गतिविधियों के बीच स्थानीय युवाओं की रोजगार में भागीदारी का मुद्दा उठाया है। समिति की मांग है कि औद्योगिक इकाइयों में योग्य स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने के लिए पारदर्शी और निगरानी योग्य व्यवस्था बनाई जाए।
रामचंद्र शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब उद्योग रायगढ़ में हैं और स्थानीय स्तर पर जमीन व संसाधनों का उपयोग करते हैं, तो रोजगार के अवसरों में रायगढ़ के योग्य युवाओं की वास्तविक हिस्सेदारी कितनी है, इसका जवाब सामने आना चाहिए।
रोजगार के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग
समिति ने उद्योगवार रोजगार के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है। इसमें स्थानीय कर्मचारियों की संख्या, बाहरी कर्मचारियों की संख्या, वर्तमान रिक्त पद, आगामी भर्ती में उपलब्ध अवसर और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की उद्योगों की नीति जैसी जानकारी शामिल करने की मांग की गई है।
समिति का कहना है कि आंकड़े सार्वजनिक होने से रोजगार की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मेडल रायगढ़ का, तो खिलाड़ियों के भविष्य की जिम्मेदारी भी रायगढ़ की
आंदोलन में खिलाड़ियों के रोजगार और भविष्य का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। समिति के अनुसार रायगढ़ के कई खिलाड़ियों ने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। ऐसे खिलाड़ियों के लिए केवल मेडल और सम्मान पर्याप्त नहीं हैं।
समिति ने पात्र खिलाड़ियों के लिए रोजगार, छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता और उद्योगों के CSR के माध्यम से अवसर उपलब्ध कराने की ठोस व्यवस्था की मांग की है।
पर्यावरण संरक्षण भी आंदोलन के केंद्र में
रोजगार के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। समिति ने प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी, उद्योगों के निरीक्षण एवं अधिकारियों के दौरे की जानकारी सार्वजनिक करने तथा प्रदूषण नियंत्रण उपायों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखने की मांग की है।
ESP और फ्लाई ऐश के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग
समिति ने उद्योगों में संचालित ESP की बिजली खपत को लेकर पारदर्शिता की मांग की है। समिति के अनुसार अपेक्षित और वास्तविक बिजली खपत से संबंधित जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
इसी तरह फ्लाई ऐश के परिवहन और निपटान का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। इसमें फ्लाई ऐश की मात्रा, परिवहन का माध्यम, गंतव्य और निपटान स्थल जैसी जानकारी शामिल करने की बात कही गई है।
पेड़ कटाई के बदले पौधरोपण का भी मांगा हिसाब
समिति ने उद्योगों द्वारा पेड़ों की कटाई के बदले किए गए पौधरोपण की जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की है। इसमें पौधरोपण का स्थान, संख्या और वर्तमान स्थिति का विवरण उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
समिति का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण का आकलन कागजों के बजाय जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
जिला स्थानीय रोजगार एवं खिलाड़ी कल्याण समिति बनाने की मांग
नवनिर्माण संकल्प समिति ने ‘जिला स्थानीय रोजगार एवं खिलाड़ी कल्याण समिति’ के गठन की मांग रखी है। इसमें जिला प्रशासन, उद्योग प्रतिनिधि, रोजगार विभाग, जनप्रतिनिधि, युवा प्रतिनिधि, खिलाड़ी और स्थानीय नागरिकों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
समिति के अनुसार यह निकाय स्थानीय रोजगार, खिलाड़ियों के रोजगार, CSR सहायता और पर्यावरणीय मुद्दों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर सकता है।
सोशल मीडिया समर्थन को जमीन पर उतारने की तैयारी
समिति ने दावा किया है कि स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार से जुड़े अभियान के वीडियो को सोशल मीडिया पर करीब चार लाख लोगों ने देखा है। समिति का कहना है कि सोशल मीडिया पर मिल रहे समर्थन को अब जमीनी जनसमर्थन में बदलने का प्रयास किया जाएगा।
रामचंद्र शर्मा बोले—भूख हड़ताल आंदोलन का पहला चरण
नवनिर्माण संकल्प समिति के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक रामचंद्र शर्मा ने कहा कि स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों को अब मजबूती से सामने रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मेहनत कर रायगढ़ का नाम रोशन करते हैं, जबकि योग्य स्थानीय युवा रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 29 अगस्त की भूख हड़ताल शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से मांगों को सामने रखने का पहला चरण है। जरूरत पड़ने पर आगे रैली और व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने रायगढ़वासियों से 29 अगस्त को सुबह 9 बजे गांधी प्रतिमा के पास पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की।
दीपक मंडल बोले—यह शुरुआत है, मंजिल नहीं
समिति के सचिव दीपक मंडल ने कहा कि स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों के रोजगार एवं अधिकार का मुद्दा लंबे समय से गंभीरता से उठाए जाने की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि 29 अगस्त की भूख हड़ताल आंदोलन का पहला चरण है।
उन्होंने बताया कि इसके बाद युवाओं, खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को जोड़कर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। आने वाले चरण में बड़ी रैली, व्यापक जनसंपर्क और जनआंदोलन की तैयारी की जाएगी।




