राउरकेला। राउरकेला पुलिस ने करीब ढाई साल पुराने एक अनसुलझे हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला झिरपानी थाना क्षेत्र का है, जहां बिसरा के जम्बरना निवासी मंगल ओराम की हत्या के बाद उसकी महिंद्रा पिक-अप भी चोरी कर ली गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पिक-अप बरामद कर ली है।
साप्ताहिक बाजार जाने के बाद गायब हुआ था मंगल
पुलिस के अनुसार मंगल ओराम 28 फरवरी 2024 को अपनी महिंद्रा पिक-अप OD-14-Q-3648 से झिरपानी साप्ताहिक बाजार गया था। इसके बाद वह लापता हो गया। कुछ समय बाद उसकी अज्ञात लाश झारखंड के सिमडेगा जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र के खरवागड़ा में पानी से भरे खेत से बरामद हुई थी। शव की पहचान मंगल ओराम के रूप में होने के बाद 8 मार्च 2024 को झिरपानी थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
सामान ले जाने के बहाने किराए पर ली गाड़ी
लगातार जांच के बाद पुलिस ने राहुल उर्फ सरधन शर्मा (48) और अजय पात्रा (33) को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि 28 फरवरी 2024 की सुबह करीब 10:30 बजे दोनों आरोपियों ने सामान ले जाने के बहाने झिरपानी साप्ताहिक बाजार से मंगल की पिक-अप किराए पर ली थी।
चाय में नींद की गोलियां मिलाने का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने KTH चौक के पास मंगल को चाय में कथित तौर पर हाई-पावर नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। इसके बाद उसके बेहोश होने पर दोनों उसे पिक-अप समेत झारखंड की ओर ले गए। आरोप है कि जलडेगा थाना क्षेत्र के खरवागड़ा के पास उसे पानी से भरे खेत में फेंक दिया गया, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई।
1.70 लाख रुपये में बेचने का आरोप
पुलिस के अनुसार, मंगल को खेत में फेंकने के बाद आरोपी उसकी पिक-अप लेकर फरार हो गए। आरोप है कि चोरी की गई महिंद्रा पिक-अप को बाद में करीब 1.70 लाख रुपये में बेच दिया गया। पुलिस ने वाहन बरामद कर लिया है।
आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी मिले
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चोरी और डकैती से जुड़े कई आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी सामने आई है। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता और चोरी के अन्य वाहनों की बरामदगी को लेकर पुलिस की आगे की जांच जारी है।
अनसुलझे गंभीर अपराधों की जांच जारी
राउरकेला पुलिस का कहना है कि समय बीत जाने के बावजूद गंभीर और अनसुलझे अपराधों की जांच लगातार जारी रखी जा रही है। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत सजा दिलाने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



